ट्रांसपोर्टर्स ने नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में किया प्रदर्शन

Edited By Isha, Updated: 20 Sep, 2019 12:41 PM

transporters protest against new motor vehicle act

ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट के आह्वान पर वीरवार को जिला के ट्रांसपोर्टर्स ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर बैठक का आयोजन किया गया। वहीं, जिले में करीब 5 हजार ट्रकों मे से ज्यादातर ट्रक ट्रांसपोर्ट ....

पानीपत (राजेश): ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट के आह्वान पर वीरवार को जिला के ट्रांसपोर्टर्स ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर बैठक का आयोजन किया गया। वहीं, जिले में करीब 5 हजार ट्रकों मे से ज्यादातर ट्रक ट्रांसपोर्ट नगर में ही खड़े रहे। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि आॢथक मंदी के चलते पहले से ही हर रोज आधे से भी ज्यादा ट्रकपानीपत में ही खड़े रहते हैं।

वहीं, पानीपत के ट्रांसपोर्टर्स ने मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में व अपनी अन्य मांगों को लेकर ट्रांसपोर्ट नगर में रोष प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन में ट्रांसपोर्टरों के अलावा गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों व सदस्यों, ट्रक ड्राइवर, कंडक्टर, माल लोड करने वाले मजदूरों ने भी भाग लिया। इससे पहले ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालय पर ट्रांसपोर्टर्स की बैठक हुई।

जिसमें केंद्र सरकार द्वारा 1 सितंबर से लागू किए गए संशोधित नए मोटर व्हीकल एक्ट का विरोध किया गया। जिला प्रधान धर्मबीर मलिक व दा पानीपत गुड्स टांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान स. अमरीक सिंह ने कहा कि देशभर में चल रही आॢथक मंदी के चलते जहां ट्रांसपोर्टर्स तो पहले ही परेशानियों का सामना कर रहे थे, वहीं केंद्र सरकार ने नए मोटर व्हीकल एक्ट को लागू करके अब ट्रांसपोर्टर्स की कमर तोडऩे का काम किया है।

उन्होंने बताया कि पानीपत से मुम्बई के लिए ट्रक के एक चक्कर में ट्रांसपोर्टर को इतने रुपए नहीं बचते, जितने की उन्हें चालान में लिए देने पड़ जाते है। वहीं बीमा कंपनियों ने पहले ही बीमे की राशि बढ़ा दी है। देश में ज्यादातर टोल टैक्सों के रेट बढ़ाए गए हैं।डीजल के रेट बढऩे, परमिट की फीस बढऩे से पहले ही ट्रांसपोर्टरों को घाटा हो रहा था और अब इस नए मोटर व्हीकल एक्ट ने तो सभी ट्रांसपोर्टरों के लिए ऐसे हालात पैदा कर दिए हैं। 

यदि सरकार ने ट्रांसपोर्टरों को रियायतें नहीं दी तो ट्रांसपोर्टरों को अपनी ट्रांसपोर्ट को बंद करके चाबी आर.टी.ओ. को मजबूरन सौंपनी पड़ेगी। ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि उनकी हालात ऐसी हो चुकी कि उनके पास स्टाफ को वेतन देने के लिए भी रुपए नहीं है। मौके पर सभी ट्रांसपोर्टर्स ने सरकार से मांग की गई कि वह ट्रांसपोर्टरों को छूट व रियायतें देने का काम करें, ताकि ट्रांसपोर्टर्स  का काम चलता रह सके। 

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