Edited By Yakeen Kumar, Updated: 15 Jan, 2026 11:28 PM

पंजाब में पंजाब केसरी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के खिलाफ सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
डेस्क : पंजाब में पंजाब केसरी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान के खिलाफ सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एक साथ छापेमारी, लाइसेंस रद्द करना, बिजली आपूर्ति बंद करना और पुलिस की घेराबंदी किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। उन्होंने इसे स्वतंत्र मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
सीएम सैनी ने घेरा
हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने आप सरकार पर तीखा हमला बोला है। सीएम सैनी सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "पंजाब को बर्बादी की कगार पर पहुंचाने के बाद अब अपने खिलाफ उठ रहे जनआक्रोश से डरी हुई AAP सरकार पूरी तरह बौखला चुकी है। सत्ता जाने का भय इतना गहरा है कि अब पंजाब सरकार मीडिया को डराने और दबाने पर उतर आई है। पंजाब केसरी ग्रुप द्वारा लिखा गया यह पत्र इस बात का प्रमाण है कि पंजाब सरकार अपनी विफलताओं, भ्रष्टाचार और कुशासन को छिपाने के लिए प्रेस की स्वतंत्रता पर सुनियोजित हमला कर रही है।"

कुमारी सैलजा का वार
कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कार्यशैली से जुड़ी जनहित की खबरें सामने आने के बाद प्रशासनिक तंत्र का उपयोग कर दबाव बनाया गया, जो सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछने की कीमत किसी प्रतिष्ठित समाचार पत्र को चुकानी पड़े, यह अस्वीकार्य है। प्रेस को नियंत्रित करने और भय का माहौल बनाने के प्रयास संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह स्वतंत्र, निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के पक्ष में मजबूती से खड़ी है।

मोहनलाल बडौली की पोस्ट
भाजपा नेता मोहनलाल बड़ौली ने भी सरकार पर मीडिया को डराने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल एक संस्थान पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जिस संस्थान ने कठिन दौर में भी सच की आवाज नहीं दबने दी, उसे आज डराने की कोशिश की जा रही है।

रणदीप सुरजेवाला की पोस्ट
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब में अभिव्यक्ति की आज़ादी बिल्कुल सुरक्षित है… बस भगवंत मान सरकार तय करेगी कौन बोलेगा, क्या बोलेगा, और कितनी देर बोलेगा। पंजाब केसरी कोई रातों-रात खड़ा हुआ संस्थान नहीं है। इसने गोलियों, धमकियों और आतंक के साये में भी सच छापा है। लेकिन आज सत्ता को सच से इतना डर है कि सरकारी दफ़्तर न्यूज़रूम बन चुके हैं और न्यूज़रूम जेल जैसे!

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