संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं किसी एक वर्ग तक नहीं, बल्कि वे पूरे समाज और राष्ट्र को दिशा देने का काम करती हैं : कृष्ण मिड्ढा

Edited By Krishan Rana, Updated: 10 Aug, 2026 03:42 PM

the teachings of saints and great men are not limited to any one section but th

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में काशी स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थल सीर गोवर्धनपुर से शुरू हुई

चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी): संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में काशी स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थल सीर गोवर्धनपुर से शुरू हुई पवित्र कलश वंदन यात्रा अब हरियाणा में सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष कृष्ण मिड्ढा ने जींद जिले के सभी 20 मंडलों के लिए पवित्र कलश वंदन यात्रा को विधिवत रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।

कलश यात्रा के माध्यम से संत गुरु रविदास जी महाराज के सामाजिक समानता, भाईचारे, प्रेम और मानवता के संदेश को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जींद से यात्रा को रवाना करते हुए कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि वे पूरे समाज और राष्ट्र को दिशा देने का काम करती हैं।

सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़ा सामाजिक समरसता का संदेश
विधानसभा उपाध्यक्ष कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि हरियाणा सरकार सामाजिक समरसता, समानता और सभी वर्गों के सम्मान की भावना को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज ने सदियों पहले जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, वह आज भी समाज और शासन व्यवस्था के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का मूल उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से सुविधाएं और अवसर पहुंचाना है। ऐसे में गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर निकाली जा रही कलश यात्रा सामाजिक एकता के संदेश को और मजबूत करने का माध्यम बनेगी।

कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि सामाजिक समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि मजबूत और विकसित समाज की आवश्यकता है। जब समाज के सभी वर्ग आपसी सम्मान, सहयोग और भाईचारे के साथ आगे बढ़ते हैं, तभी प्रदेश और देश की विकास यात्रा और अधिक मजबूत होती है।

जींद के 20 मंडलों में पहुंचेगी यात्रा, बढ़ेगी जनभागीदारी
जींद जिले के सभी 20 मंडलों के लिए कलश वंदन यात्रा को रवाना करते हुए कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि जिले के प्रत्येक क्षेत्र में इस यात्रा को श्रद्धा और सम्मान के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। यात्रा के दौरान आम लोगों को संत गुरु रविदास जी महाराज के जीवन और उनके विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जींद की धरती हमेशा से सामाजिक और धार्मिक चेतना की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। ऐसे में गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर आयोजित यह यात्रा जिले के लोगों को सामाजिक एकता के सूत्र में जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वे यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लें और संत गुरु रविदास जी महाराज के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

काशी से शुरू हुई यात्रा, हरियाणा में बनेगी जनअभियान
संत गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में काशी स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थल सीर गोवर्धनपुर से शुरू हुई यह यात्रा विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए हरियाणा पहुंची है। यात्रा के साथ श्रद्धा और आस्था के साथ-साथ सामाजिक चेतना का संदेश भी आगे बढ़ रहा है।

कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि काशी से शुरू हुई यह पवित्र यात्रा अब हरियाणा में भी सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने समाज को जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच से ऊपर उठकर मानवता को सर्वोच्च स्थान देने की प्रेरणा दी थी।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में संत रविदास जी के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। समाज में भाईचारा, समानता और परस्पर सम्मान मजबूत होगा तो प्रदेश की विकास यात्रा भी अधिक गति से आगे बढ़ेगी।

संत रविदास के विचार नई पीढ़ी के लिए भी मार्गदर्शक
विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। युवा पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक कुरीतियों और भेदभाव से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का संदेश प्रेम, सद्भाव, समानता और मानवता पर आधारित था। यह संदेश आज भी समाज को एकजुट करने की क्षमता रखता है।

राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प
कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि कलश वंदन यात्रा के माध्यम से केवल धार्मिक आस्था को अभिव्यक्त नहीं किया जा रहा, बल्कि समाज को एकजुट करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संकल्प भी लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज के विचार हर वर्ग को साथ लेकर चलने और समाज में समानता स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि जींद जिले में यात्रा को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा और सभी 20 मंडलों में लोग श्रद्धा के साथ इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना ही उनकी 650वीं जयंती के अवसर पर सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी।

कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि प्रेम, सद्भाव और समानता के जिस रास्ते की संत रविदास जी ने समाज को दिशा दिखाई थी, उसी रास्ते पर आगे बढ़ते हुए एक मजबूत, समरस और विकसित हरियाणा के निर्माण में प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

 

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