Edited By Harman, Updated: 27 May, 2026 12:54 PM

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत द्वारा 30 मई 2026 को जिला न्यायालय परिसर में चेक बाउंस मामलों की विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस विशेष लोक अदालत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
पानीपत (सचिन शर्मा) : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पानीपत द्वारा 30 मई 2026 को जिला न्यायालय परिसर में चेक बाउंस मामलों की विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। इस विशेष लोक अदालत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) वर्षा शर्मा ने बताया कि जिला अदालत में चेक बाउंस मामलों की सुनवाई के लिए दो विशेष अदालतें कार्यरत हैं। इनमें अनुराधा एवं तरुण वर्मा की अदालतें शामिल हैं। इन अदालतों में लंबित मामलों को लोक अदालत के माध्यम से आपसी सहमति से समाप्त कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि जिन पक्षों को अदालत से नोटिस प्राप्त हो, वे निर्धारित तिथि पर अदालत में उपस्थित हों। वहीं, जिन्हें नोटिस नहीं मिला है, वे भी स्वयं अदालत पहुंचकर अपनी फाइल निकलवा सकते हैं और समझौते के आधार पर मामला समाप्त करा सकते हैं। सीजीएम वर्षा शर्मा ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। चेक बाउंस मामलों के समाधान के लिए संबंधित पक्ष प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामले आएंगे। एक अदालत में लगभग 4000 मामले लंबित हैं और दोनों अदालतों को मिलाकर करीब 8000 मामलों में से बड़ी संख्या में केस लोक अदालत में रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि चेक बाउंस के अधिकांश मामले वित्तीय विवाद से जुड़े होते हैं और यदि शिकायतकर्ता को उसकी राशि मिल जाती है तो वह आगे मामला नहीं बढ़ाना चाहता। ऐसे मामलों में समझौते और मध्यस्थता की काफी संभावना रहती है। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट भी ऐसे मामलों में आपसी सहमति और मीडिएशन को बढ़ावा देने के निर्देश दे चुके हैं।