फिर घटा रोडवेज का बेड़ा : नई आ नहीं रहीं, पुरानी हो रहीं कंडम... 250 रोडवेज बसों की आवश्यकता, उपलब्ध 200

Edited By Isha, Updated: 14 Sep, 2025 11:21 AM

roadways fleet reduced again new ones are not coming

कैथल रोडवेज डिपो में 15 रोडवेज बसें कंडम हो गई हैं। इन बसों ने अपनी रूट की 10 साल वैधता पूरी कर ली है। इनके बदले में अभी डिपो में नई बसें नहीं आई हैं। कंडम बसों का लोकल रूटों पर सबसे ज्यादा असर दिखाई देने लगा है।

कैथल: कैथल रोडवेज डिपो में 15 रोडवेज बसें कंडम हो गई हैं। इन बसों ने अपनी रूट की 10 साल वैधता पूरी कर ली है। इनके बदले में अभी डिपो में नई बसें नहीं आई हैं। कंडम बसों का लोकल रूटों पर सबसे ज्यादा असर दिखाई देने लगा है।

 स्कूल, कॉलेजों व दैनिक काम-धंधे पर जाने वाले यात्री परेशान हैं। यात्रियों की संख्या के अनुसार अब डिपो को नई बसों की जरूरत है। 10 साल से ज्यादा समय पूरा करने वाली बसों का हैड ऑफिस की नियुक्त तकनीकी टीम द्वारा निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद खराब या खटारा बसों को कंडम किया जाता है। इसके बाद डिपो रूट से बसों को हटा देता है।



विदित रहे कि जिले की जनसंख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बढ़ती जनसंख्या के हिसाब से डिपो में 250 रोडवेज बसों की आवश्यकता है, लेकिन अब डिपो के पास खुद की 177 बसें व 23 बसें (किलोमीटर स्कीम) यानी लीज की रह गई हैं।

इन बसों के कंडम होने से पहले रोडवेज विभाग कैथल के पास खुद की 192 बसें थीं। बता दें कि को पिछले 3 सालों में 10 बसें ए.सी. के साथ लगभग 94 नई बसें बी. एस.-डिपो 6 मिली थीं। इनमें से 48 के करीब बसों की पानीपत, झञ्जर, भिवानी भेज दिया गया। नई बसों के बदले पुरानी बिल्कुले खटारा बसें डिपो में आई हुई हैं। बाकी बची हुई बसों की भी मुरम्मत करवाकर विभाग के कर्मचारी रूटों पर चलाने की कोशिश कर रहे हैं। 

इसके बाद भी कई बसें बीच रास्ते में खड़ी हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों ने मांग की कि डिपो में नई बसें भेजी जाएं, ताकि वे आरामदायक सफर तय कर सकें। रोडवेज विभाग कैथल के वर्कशॉप मैनेजर अनिल का कहना है कि कैथल डिपो में पुरानी 15 बसों को कंडम किया गया है। नई बसों की डिमांड भेजी हुई जल्द ही बसें आने की उम्मीद है। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

विधानसभा में भी उठ चुका मुद्दा
बता दें कि कैथल डिपो में पुरानी व खटारा बसों का मुद्दा संसद में विधायक आदित्य सुर्जेवाला उठा चुके हैं, परंतु उसके बाद भी कैथल को नई बर्से नहीं मिल रही है।


इन रूटों पर होती है दिक्कत
बसों की कमी के कारण दिल्ली, कुरुक्षेत्र, जींद, असंघ, गुहला चीका, नरवाना रूट पर दिक्कत बन जाती है। इन रूटों पर चलने वाली ए.सी. बसे व अन्य लंबे रूट की बसें लोकल गांवों में नहीं रुकती, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।

 

डिपो में नई बसों की काफी जरूरत
कर्मचारी नेता बलवान सिंह कुंडू ने कहा कि रोडवेज विभाग को नई बसों की काफी जरूरत है। जितनी बसें कंडम हुई हैं, उनकी जगह सरकार को नई खरीदनी चाहिएं। पुरानी बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं। इससे जहां ड्राइवर व कंडक्टर को दिक्कत होती है, वहीं रूट भी प्रभावित होता है।



यात्रियों को हो रही परेशानी
यात्रियों मनबीर, मनोज तिवारी, मृदुल, है. है, कीर्ति ने कहा कि सरकार को नई बसें खरीद कर जल्दी भेजनी चाहिएं। कैथल डिपो में अब भी काफी बसै खटारा जोकि बीच रास्ते में ते में खड़ी हो जाती हैं। इनको भी कंडम घोषित कर नई बसे खरीदनी चाहिएं। कैथल से तो काफी नई बसों को दूसरे जिलों में भेज दिया 'गया है। यात्रियों को खटारा बसों के कारण काफी परेशानी हो रही है।


 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!