Edited By Harman, Updated: 27 Jun, 2026 04:58 PM

हरियाणा कांग्रेस की राजनीति में शनिवार को रोहतक के गरिमा गार्डन में आयोजित पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की बैठक ने नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया।
चंडीगढ़ (चन्द्र शेखर धरणी) : हरियाणा कांग्रेस की राजनीति में शनिवार को रोहतक के गरिमा गार्डन में आयोजित पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की बैठक ने नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया। इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेहद करीबी और उनके शासनकाल में लगभग एक दशक तक प्रिंसिपल ओएसडी रहे एम.एस. चोपड़ा की अग्रिम पंक्ति में मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को हवा दे दी।
बैठक के दौरान एक और दृश्य चर्चा का विषय बना, जब वरिष्ठ नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह मंच पर बैठने की बजाय आम कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच जाकर बैठे। इसे भी कई लोग राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं। एम.एस. चोपड़ा लंबे समय तक भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सबसे विश्वसनीय सहयोगियों में गिने जाते रहे हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर उन्हें हुड्डा की कोर टीम का मजबूत स्तंभ माना जाता रहा है। ऐसे में उनका बृजेंद्र सिंह के कार्यक्रम में दिखाई देना सामान्य राजनीतिक उपस्थिति से कहीं अधिक महत्व रखता है।Bhu
हरियाणा कांग्रेस में विभिन्न नेताओं के अलग-अलग प्रभाव वाले समूह लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और चौधरी बीरेंद्र सिंह के अलग-अलग राजनीतिक प्रभाव को लेकर लगातार चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि पार्टी नेतृत्व सार्वजनिक रूप से संगठन की एकजुटता की बात करता है, लेकिन प्रदेश स्तर पर अलग-अलग धड़ों की सक्रियता किसी से छिपी नहीं है।
वर्तमान में कांग्रेस विधायक दल में सबसे अधिक विधायकों का समर्थन भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ माना जाता है। पिछले करीब साढ़े दस वर्षों में उन्होंने अपने समर्थक विधायकों को संगठित बनाए रखा है। यही वजह है कि संगठन और आलाकमान के स्तर पर भी उनका प्रभाव मजबूत माना जाता है। दूसरी ओर, चौधरी बीरेंद्र सिंह के पुत्र और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह भी हरियाणा की राजनीति में लगातार अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों को कवर करने वाली यात्रा निकाली थी। इस यात्रा को भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने व्यक्तिगत राजनीतिक पहल बताया था, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी स्वयं इस यात्रा में शामिल होकर बृजेंद्र सिंह को राजनीतिक समर्थन का संकेत दे चुके हैं।
हरियाणा कांग्रेस में इस समय एक ओर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पुत्र एवं सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा पूरी सक्रियता के साथ संगठन और जनसंपर्क में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर बृजेंद्र सिंह भी अपने राजनीतिक आधार को लगातार मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की सक्रियता भविष्य की राजनीति को लेकर नए समीकरणों की संभावना भी पैदा कर रही है। चौधरी बीरेंद्र सिंह का राजनीतिक सफर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। कांग्रेस में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद वह भाजपा में गए, जहां उन्हें राज्यसभा भेजा गया और केंद्र सरकार में मंत्री बनने का अवसर मिला। बाद में उन्होंने भाजपा छोड़कर फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया। पिछले लोकसभा चुनाव में हिसार सीट से उनके पुत्र बृजेंद्र सिंह को कांग्रेस का टिकट नहीं मिल पाया था, जिसे भी राजनीतिक हलकों में प्रदेश कांग्रेस के आंतरिक समीकरणों से जोड़कर देखा गया।
ऐसे माहौल में एम.एस. चोपड़ा जैसे हुड्डा के अत्यंत करीबी माने जाने वाले नेता का बृजेंद्र सिंह के कार्यक्रम में पहुंचना कई नए राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि इस मुलाकात या उपस्थिति को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक राजनीतिक टिप्पणी सामने नहीं आई है, लेकिन हरियाणा की सियासत में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदरूनी समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, इस पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।