Edited By Manisha rana, Updated: 29 Aug, 2025 09:16 AM

हरियाणा में शिक्षकों के लिए 2016 में शुरू की गई ऑनलाइन टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी शिक्षकों के जी का जंजाल बन गई है।
हांसी : हरियाणा में शिक्षकों के लिए 2016 में शुरू की गई ऑनलाइन टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी शिक्षकों के जी का जंजाल बन गई है। शुरू में ट्रांसफर हुए तो शिक्षकों में सकारात्मक माहौल बना लेकिन आज इस पॉलिसी को लेकर शिक्षकों में निराशा है क्योंकि जो ट्रांसफर हर वर्ष होने चाहिएं वे नहीं हो पा रहे। इस बार भी यही कहा गया था कि अप्रैल में नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षक नए स्कूलों में जाएंगे लेकिन अब अगस्त खत्म होने जा रहा है और ट्रांसफर को लेकर सरकार एवं विभागीय स्तर पर कुछ भी नहीं बताया जा रहा। शिक्षकों को उम्मीद थी कि कैबिनेट बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी 2025 को पास कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा प्रस्ताव न होने पर उनमें निराश है।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा इस वर्ष के शुरूआत से कह रहे हैं कि ट्रांसफर शीघ्र होंगें और इस बात को 8 महीने बीत चुके हैं ट्रांसफर नहीं हुए। शुरू में टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर जोन सिस्टम बनाया था और फिर ब्लॉक सिस्टम की बात चली। बताया जा रहा है कि जोन और ब्लॉक को छोड़कर अब केवल स्कूल सिस्टम पर चर्चा चल रही है। टीचर्स संगठनों के प्रतिनिधियों से बात करने पर उनका कहना है कि ब्लॉक सिस्टम से तो न सरकार को फायदा होने वाला और न ही टीचर्स को। सरकार को चाहिए कि स्टेट कैडर के टीचर्स को पूरे स्टेट में स्कूल चुनने का मौका दे दिया जाए और जिला कैडर के टीचर्स के लिए पूरे जिला के स्कूल ओपन कर दिए जाएं। इसके बाद ड्राइव खत्म होते ही जिन टीचर्स को पसंद के स्टेशन नहीं मिलते उन्हें बचे स्थानों पर फिर मौका दिया जाए। उसके बाद अगर जो स्कूल बच जाते हैं तो जिला स्तर पर शिक्षा अधिकारियों को डैपुटेशन करने का अधिकार दे दिया जाए।
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