Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 13 Jan, 2026 09:51 PM

प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर एक व्यक्ति से 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने चालाकी से बैंक में पहले से गिरवी रखी प्रॉपर्टी को भार मुक्त बता कर बेच दिया। पुलिस ने शिकायत पर सोमवार को सुशांत लोक थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर एक व्यक्ति से 80 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। आरोपियों ने चालाकी से बैंक में पहले से गिरवी रखी प्रॉपर्टी को भार मुक्त बता कर बेच दिया। पुलिस ने शिकायत पर सोमवार को सुशांत लोक थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के शालीमार बाग निवासी सुप्रीम अग्रवाल ने बताया कि वह सुशांत लोक-1 में एक बेसमेंट फ्लोर खरीदना चाहते थे। इस दौरान उनकी मुलाकात एक दंपत्ति से हुई। आरोपियों ने खुद को प्रॉपर्टी का एकमात्र मालिक बताया और भरोसा दिलाया कि प्रॉपर्टी पर किसी भी प्रकार का बैंक लोन या कानूनी विवाद नहीं है। आरोपियों की बातों में आकर पीड़ित ने 10 जनवरी 2022 को 74 लाख रुपये का भुगतान कर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री करवा ली। साथ ही करीब 5 लाख रुपये रजिस्ट्रेशन चार्ज और अन्य खर्चों पर भी लगाए। सेल डीड में भी आरोपियों ने लिखित में दिया कि प्रॉपर्टी पूरी तरह फ्री-होल्ड है।
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित को पता चला कि आरोपियों ने इस प्रॉपर्टी को रजिस्ट्री से पहले ही इंडियन ओवरसीज बैंक (फरीदाबाद) में गिरवी रखी हुई है। बैंक से लोन आरोपियों के द्वारा उनकी कंपनी के नाम पर लिया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जब प्रॉपर्टी बैंक में गिरवी थी, तो आरोपियों के पास ओरिजिनल सेल डीड दिखाने के लिए कहां से आई? पीड़ित का दावा है कि बैंक के कुछ अधिकारियों ने आरोपियों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया है। यह भी अंदेशा जताया गया है कि आरोपियों ने इसी तरह कई अन्य लोगों को भी अपनी गिरवी रखी संपत्तियां बेचकर ठगा है।