Edited By Isha, Updated: 27 Aug, 2026 08:40 AM

यमुनानगर में माइनिंग परचेज से जुड़ा मामला अब जांच के घेरे में है। बोगस परचेज को लेकर यमुनानगर स्थित दफ्तर पर टीम ने छापा मारा। हाईकोर्ट के रिटायर जज एच.एस. मदान की अगुवाई में पहुंची टीम ने
यमुनानगर (परवेज) : यमुनानगर में माइनिंग परचेज से जुड़ा मामला अब जांच के घेरे में है। बोगस परचेज को लेकर यमुनानगर स्थित दफ्तर पर टीम ने छापा मारा। हाईकोर्ट के रिटायर जज एच.एस. मदान की अगुवाई में पहुंची टीम ने चार घंटे से ज्यादा समय तक जांच की। इस दौरान टीम को बोगस परचेज से जुड़े अहम सबूत मिलने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता संजीव चौधरी का आरोप है कि एम.एस. गणेश इंटरप्राइजेज और रॉक बॉटम के नाम से फर्म तैयार कर कथित तौर पर फर्जी परचेज बेची गई।
के मुताबिक करीब आठ महीने के भीतर यह पूरा खेल किया गया। उन्होंने नवीन बत्रा, ललित बेगमपुर, कुलदीप और विकास पर फर्जी परचेज बेचने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा सचिन अग्रवाल और अजमेर के नाम का भी शिकायत में जिक्र किया गया है। शिकायतकर्ता संजीव चौधरी ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता आदर्शपाल पर भी गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि यह काम उनकी शह पर हुआ।
वहीं आदर्शपाल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह न तो सत्ताधारी पार्टी में हैं और न ही कोई राजनेता हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों की ओर से उनकी शह होने की बात कही जा रही है, लेकिन वह आरोपों से सहमत नहीं हैं। फिलहाल टीम की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा कि कथित बोगस परचेज के मामले में वास्तव में क्या सच्चाई है और कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।