शामलात भूमि पर वर्षों बने मकानों में रह रहे लोगों के लिए राहत की खबर, मकान होंगे नियमित, करना होगा ये काम

Edited By Manisha rana, Updated: 18 Dec, 2025 08:27 AM

houses built on common land before 2004 will be regularized

जिले में पंचायत यानी शामलात भूमि पर वर्षों बने मकानों में रह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शामलात भूमि पर वर्षों बने मकानों में रह रहे लोगों के लिए राहत की खबर, मकान होंगे नियमित, इस दिन तक आवेदन का मौका

कैथल (जयपाल) : जिले में पंचायत यानी शामलात भूमि पर वर्षों बने मकानों में रह रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिल प्रशासन ने 31 मार्च, 2004 उससे पहले शामलात भूमि पा बने अवैध मकानों के नियमितीकरण को लेकर पून प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है। इस फैसले की मांग लोग लंब समय से कर रहे थे और अब सरकार की इस योजना से जिल के हजारों परिवारों को लाभ मिल की उम्मीद है। पात्र लोगों को 16 जनवरी, 2026 तक आवेदन का अवसर दिया गया है।

सरकार की ओर से जान दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेद से लेकर रजिस्ट्री तक हर स्तर पर अधिकारियों के लिए निश्चि समय-सीमा तय की गई है, ताकि पात्र लोगों को बार-बार सरकान दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और प्रक्रिया बिना देरी के पूरी हो सके। जिला विकास एवं पंचाय विभाग की ओर से इस संबंध सभी संबंधित अधिकारियों क निर्देश जारी कर दिए गए हैं। डी.डी.पी.ओ. रितु लाठर जिले के सभी बी.डी.पी.ओ., ग्राम सचिवों और सरपंचों को स्पष्ट किया है कि केवल वही मका नियमितीकरण के दायरे में आएंगे जो 31 मार्च, 2004 से पहल शामलात भूमि पर बने हुए हैं। 

उन्होंने बताया कि पात्र लोगों को 16 जनवरी 2020 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। डी. डी. पी. श्री. के अनुसार जिले में अब तक लगभग 425 लोगों ने नियमितीकरण के लिए इन आवेदनों की पहले ब्लॉक और उसके बाद जिला स्तर पन स्कूटनी की जा रही है। जो आवेदन नियमों के अनुसार सही पाए जाते हैं उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए पंचायत मुख्यालय भेजा जा रहा है।

बी.डी.पी.ओ. और उपायुक्त की समय-सीमा

बी.डी.पी.ओ. को प्रस्ताव मिलने के 7 कार्यदिवस के भीतम साइट निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर उपायुक्त को अपनी सिफारिश भेजनी होगी। उपायुक्त यदि ग्राम पंचायत के हित में प्रस्ताव को उचित समझ हैं, तो 7 दिनों के भीतर अपनी अनुशंसा सहित इसे पंचायती राज निदेशक को अग्रेषित करेंगे।

कलैक्टर रेट के आधार पर तय होगी कीमत
डी.डी.पी.ओ. ने बताया कि डायरैक्टर पंचायत ही इस मामले में सक्षम प्राधिकारी होंगे। वे प्रस्ता मिलने के 10 दिनों के भीतर भूमि का मूल्य तय कर स्वीकृति देंगे। भूमि का मूल्य वर्ष 2004 क कलेक्टर दर वा उसके बाद उपलब्ध कलेक्टर दर का 1.3 गुना लिया जाएगा यदि 2004 की दर उपलब्ध नहीं है तो निकटतम वर्ष की दर लागू होगी।

आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी
डी.डी.पी.ओ. ने बताया कि अवैध कब्जाधारी 16 जनवरी, 2026 से पहले किसी भी कार्यदिवस में ग्राम पंचायत के माध्यम से भूमि खरीदने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ जमाबंदी, खसरा गिरदावरी, मकान का साइट प्लान, फोटो और कब्जे से संबंधित प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।

ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की भूमिका
आवेदन प्राप्त होने के बाद ग्राम पंचायत को 20 दिनों के भीतर 3/4 बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होगा। इसके बाद ग्राम सभा में 1/10 बहुमत से प्रस्ताव की पुष्टि कर भूमि उपयोग योजना भी तैयार करनी होगी। ग्राम सचिव को 3 कार्यदिवस के भीतर यह प्रस्ताव बी.डी.पी.ओ. को भेजना अनिवार्य होगा।

रजिस्ट्री व शुल्क प्रक्रिया
स्वीकृति मिलने के बाद 7 दिनों के भीतर ग्राम पंचायत द्वारा अधिकृत व्यक्ति आवेदक के पक्ष में विक्री विलेख (रजिस्ट्री) निष्पादित करेगा रजिस्ट्री से संबंधित स्टाम्प ड्यूट और पंजीकरण शुल्क आवेदक के स्वयं वहन करना होगा। डी. डी. पी. ओ. ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा का सख्ती से पालन किया जाए और मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

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