Edited By Krishan Rana, Updated: 31 Aug, 2026 03:17 PM
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन सोमवार को सरकार वर्ष
हरियाणा डेस्क : हरियाणा विधानसभा मानसून सत्र की दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई है। हरियाणा विधानसभा के मॉनसून सत्र का पहला दिन विवादों से भरा रहा और कांग्रेस पार्टी के रुख को देखते हुए, सोमवार को सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार हो सकता है।
मानसून सत्र की दूसरे दिन की कार्यवाही के मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से हमारी सरकार ने खेल और खिलाड़ियों पर ध्यान दिया। हमारी सरकार का ये स्पष्ट मत है कि खेलों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को और खिलाड़ियों को मजबूत करना है। खेलों में हमारे खिलाड़ियों के जो मेडल आ रहे हैं वो हमारे खिलाडियों की मेहनत और हमारी नीति का परिणाम ही है। कुछ नए विधायक अभी चुन कर आए हैं उनके ये मालूम ही नहीं कि पूर्व की सरकारों ने खिलाड़ियों के लिए कुछ नहीं किया।
इससे पहले विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा ने 31 अगस्त को सुबह 11 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पहले दिन सदन में हुई घटनाओं, कांग्रेस विधायकों के साथ कथित व्यवहार और अगले दो दिनों की रणनीति पर चर्चा हुई।
हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सत्र के पहले दिन सुरक्षाकर्मियों द्वारा उनके साथ किए गए दुर्व्यवहार के संबंध में राज्यपाल को संयुक्त रूप से एक ज्ञापन भी सौंपा। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस विधायक दल इस मुद्दे पर एकजुट है और विधानसभा के बाहर भी इसे उठाएगा।
वहीं दूसरे दिन सोमवार को सरकार वर्ष 2026-27 की पहली अनुपूरक बजट मांगें सदन में पेश करेगी। वित्त मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 7,255.42 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बजट मांगें रखेंगे। वहीं विपक्ष बेरोजगारी, एचकेआरएन, कानून-व्यवस्था, नशा, शिक्षा और कर्मचारियों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों के आधार पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी में है।
सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की रणनीति स्पष्ट है। सरकार जहां सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाकर विधायी एजेंडा पूरा करना चाहेगी, वहीं विपक्ष सीमित समय में अधिक से अधिक जनसरोकार के मुद्दे उठाकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करेगा। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान सदन में राजनीतिक तापमान बढ़ना तय माना जा रहा है।
कांग्रेस के निशाने पर एचकेआरएन और बेरोजगारी
संभावना है कि सोमवार की कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। पहले दिन विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई धक्का-मुक्की और सदन में हुए हंगामे का असर दूसरे दिन भी देखने को मिल सकता है। वहीं हरियाणा कौशल रोजगार निगम यानी HKRN को लेकर भी कांग्रेस अपना पक्ष राज्यपाल के सामने रखेगी। कांग्रेस लंबे समय से रोजगार और नियुक्तियों से जुड़े इस विषय पर सवाल उठाती रही है। अशोक अरोड़ा के अनुसार HKRN से जुड़े विभिन्न पहलुओं, रोजगार की प्रकृति और युवाओं के भविष्य से संबंधित मुद्दों को ज्ञापन में शामिल किया जाएगा। कांग्रेस इन विषयों पर सरकार से जवाबदेही की मांग करती रही है और अब इन्हें राज्यपाल के समक्ष भी उठाएगी।
नौ नए विधेयक पेश किए जाएंगे, चार को मंज़ूरी दिलाने की तैयारी
सोमवार को विधानसभा के एजेंडे में नौ नए विधेयक पेश किए जाने हैं। पहले से सदन में मौजूद चार विधेयकों के भी पारित होने की उम्मीद है। इनमें हरियाणा न्यायालय संशोधन विधेयक, हरियाणा नगरपालिका संशोधन विधेयक, हरियाणा नगर निगम संशोधन विधेयक और बाबा खाटू श्याम चुलकाना धाम तीर्थ विधेयक शामिल हैं।
कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल रखेगा पक्ष
आज नेता प्रतिपक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे। इसमें विधानसभा के पहले दिन कांग्रेस विधायकों के साथ हुए कथित व्यवहार से लेकर बेरोजगारी, HKRN, कानून व्यवस्था और बैंक घोटालों जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा। कांग्रेस इस ज्ञापन के माध्यम से एक ओर विधानसभा परिसर में विधायकों के सम्मान का मुद्दा उठाएगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के उन विषयों को भी राज्यपाल के समक्ष रखेगी जिन्हें वह जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दे मानती है। बता दें कि हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच कथित दुर्व्यवहार का मामला अब राजभवन तक पहुंचने वाला है। विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सोमवार को लोक भवन में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मिलेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि जब वे विधानसभा सत्र में भाग लेने आ रहे थे, तो सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
मुख्यमंत्री नायब सैनी संभाल सकते हैं मोर्चा
इन सबके बीच, मुख्यमंत्री नायब सैनी विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देने और सरकार की नीतियों व फैसलों का बचाव करने में व्यक्तिगत रूप से मोर्चा संभाल सकते हैं। विभिन्न विभागों और सरकारी योजनाओं पर उनकी पकड़ को देखते हुए, सत्ताधारी दल की रणनीति में मुख्यमंत्री की भूमिका अहम होगी। अगर विपक्ष बैंकरकेम HKRN और विधानसभा के पहले दिन की घटनाओं जैसे मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाता है, तो मुख्यमंत्री और सरकार के वरिष्ठ मंत्री कांग्रेस के आरोपों का संयुक्त रूप से जवाब देते हुए दिख सकते हैं।