Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 05 Jun, 2026 06:28 PM

लिंगानुपात सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत गुड़गांव स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। भ्रूण लिंग जांच गिरोह का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भंडफोड़ किया है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): लिंगानुपात सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत गुड़गांव स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। भ्रूण लिंग जांच गिरोह का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भंडफोड़ किया है। टीम ने डिकॉय कस्टमर के साथ उत्तर प्रदेश के बिजनौर में रेड की जहां भ्रूण लिंग जांच का गोरख धंधा किया जा रहा था। टीम ने इस गिरोह में शामिल महिला दलाल सहित दो आरोपियों को काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी 25 से 40 हजार रुपए में भ्रूण लिंग जांच करते थे। इसके लिए उन्होंने एक कमरे में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई हुई थी।
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जानकारी के मुताबिक, डॉ लोकवीर सिंह मुख्य चिकित्सा अधिकारी गुरुग्राम को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर एक सफल डिकॉय ऑपरेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में संचालित अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। डॉ. लोकवीर सिंह मुख्य चिकित्सा अधिकारी गुरुग्राम के माध्यम से डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी, नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी, गुरुग्राम एवं डॉ. हरीश कुमार, मेडिकल ऑफिसर, गुरुग्राम को जांच एवं कार्रवाई हेतु अधिकृत किया गया।
सूचना प्राप्त हुई थी कि गुरुग्राम एवं आसपास के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को भ्रूण लिंग जांच हेतु बिजनौर (उत्तर प्रदेश) ले जाया जाता है तथा इस कार्य के लिए एक महिला दलाल रेनू द्वारा 25 हजार से 40 हजार रुपए तक की राशि वसूली जाती है। सूचना के सत्यापन हेतु जिला उपयुक्त प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी, गुरुग्राम द्वारा अधिकृत टीम का गठन किया गया तथा एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक के रूप में तैयार किया गया। दलाल रेनू ने लिंग जांच के लिए 25 हजार रुपए की मांग की तथा अग्रिम राशि ऑनलाइन प्राप्त करने के पश्चात डिकॉय ग्राहक को 4 जून को नई दिल्ली से बिजनौर ले जाया गया। गुरुग्राम टीम द्वारा पूरे घटनाक्रम पर निगरानी रखी गई तथा स्थानीय प्रशासन एवं पीसीपीएनडीटी अधिकारियों, बिजनौर को भी सूचित किया गया।
बिजनौर स्थित एक निजी मकान में डिकॉय ग्राहक का पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन द्वारा अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड कर भ्रूण का लिंग बताया गया। पूर्व निर्धारित संकेत मिलने पर संयुक्त टीम ने मौके पर छापा मारकर महिला दलाल रेनू तथा अल्ट्रासाउंड करने वाले व्यक्ति मनोज कुमार को पकड़ लिया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मनोज कुमार के पास अल्ट्रासाउंड करने की कोई वैधानिक योग्यता नहीं थी तथा जिस स्थान पर लिंग जांच की जा रही थी वह पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत नहीं था। कार्रवाई के दौरान अवैध लिंग जांच के लिए ली गई राशि का एक भाग बरामद किया गया तथा संबंधित लेन-देन के दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्य भी कब्जे में लिए गए। मौके पर स्थानीय पुलिस को बुलाकर महिला दलाल रेनू, मनोज कुमार तथा संबंधित अन्य व्यक्तियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई हेतु पुलिस के सुपुर्द किया गया।