पावर ग्रिड के नाम पर किसानों के साथ हेरा-फेरी,  फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठे देख किसानों के पांव तले खिसकी जमीन

Edited By Isha, Updated: 14 Sep, 2025 11:33 AM

fraud with farmers in the name of power grid

कलायत में पावर ग्रिड योजना के तहत ई-भूमि पोर्टल पर किसानों की बोगस अनुमति का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ई-भूमि पोर्टल पर फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठों के इस्तेमाल से किसानों के पांव तले. जमीन खिसक गई है

कलायत: कलायत में पावर ग्रिड योजना के तहत ई-भूमि पोर्टल पर किसानों की बोगस अनुमति का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ई-भूमि पोर्टल पर फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठों के इस्तेमाल से किसानों के पांव तले. जमीन खिसक गई है। इसमें बड़े कृषि रकवे, छोटे व सामान्य रकबे के मालिक किसान शामिल हैं। इस संबंध में किसानों ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि कहीं न कहीं सुनियोजित साजिश के तहत एक नैटवर्क ने उनकी जमीन से संबंधित फर्जी सहमति पोर्टल पर दी।में



विश्व हिंदू परिषद जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल, राजेश राणा व विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में उनके सामने ऐसे किसान आए हैं जो उनके नाम से पोर्टल पर गलत तरीके से दस्तावेज अपलोड करने की शिकायत कर रहे हैं।इसमें असली की बजाय नकली हस्ताक्षर और अंगूठे लगाए गए हैं, इसलिए किसानों ने थाने में लिखित शिकायत दी है और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। किसानों के नाम पर पोर्टल पर जो दस्तावेज मौजूद हैं उनमें कई जगहों पर एक ही व्यक्ति की लिखावट में हस्ताक्षर प्रतीत हो रहे हैं।

इसी प्रकार की स्थिति अंगूठे के हस्ताक्षर किए गए हैं। निशानों की है। कुछ ऐसे किसान हैं जो पढ़े-लिखे हैं उनके नाम पर अंगूठे का निशान लगाया गया है, जबकि जो निरक्षर हैं उनके नाम से अंग्रेजी में हस्ताक्षर लिए गए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि दस्तावेजों की सिरे से छानबीन होनी चाहिए। इस मामले में किसानों ने किसी बड़े नैटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई है। इसने न केवल सरकार, बल्कि किसानों के साथ बड़ा मजाक किया है। फायदा उष्ठाकर मुआवजा या भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में हेरा-फेरी कर रहा है।


नटवरवालों ने भाजपा नेता के परिवार को भी बनाया निशाना

किसानों के नाम का बोगस इस्तेमाल करने वालों ने सत्तारूढ़ दल भाजपा नेताओं को भी नहीं बख्शा। फर्जीवाड़ा का शिकार हुए भाजपा किसान मोर्चा पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव राणा ने सिलसिलेवार पूरे मामले की परत खोली। उन्होंने बताया कि एक विशेष नैटवर्क ने एक स्थान पर बैठकर फर्जी तौर से पोर्टल पर किसानों की सहमति अपलोड कर डाली।

ई-भूमि पोर्टल पर जमीन देने के लिए मेरे परिवार द्वारा कोई सहमति नहीं दी गई। बावजूद इसके पोर्टल पर फर्जी सहमति के दस्तावेज देखकर वह खुद हैरान हैं। इस इस संबंध में में सी. एम. विंडो के माध्यम से शिकायत देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। उनका कहना है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए सरकार की छवि को खराब करते हुए फर्जीवाड़ा कर रहे हैं, इसलिए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।


गहनता से होगी मामले की जांचः एस.एच.ओ.

थाना प्रबंधक रामनिवास शर्मा ने कहा कि ई-भूमि पोर्टल पर फर्जी हस्ताक्षर एवं अंगूठे इस्तेमाल करने की शिकायत किसानों द्वारा दी गई है, जिसका जांच शुरू कर दी गई है।उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के आधार पर जो कार्रवाई होगी, उसे प्रभावी ढंग से किया जाएगा। उधर, पावर ग्रिड से जुड़े पक्ष की तरफ से भी एक शिकायत दी गई है।

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