मातृत्व योजना में देरी करना अधिकारी को पड़ा महंगा, आयोग ने ठोका भारी जुर्माना

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 30 Aug, 2025 08:39 PM

delay in maternity planning proved costly for the officer

आयोग ने मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के लाभ देने में हुई देरी पर कड़ा रुख अपनाया है।

करनाल : हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के लाभ देने में हुई देरी पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने करनाल स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को दोषी मानते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना और प्रभावित महिला रितु को 5 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।

मामले में पाया गया कि विभागीय समन्वय की कमी और समय पर दिशा-निर्देश न मिलने के कारण योजना का लाभ रितु को 9 महीने बाद मिला, जबकि इसकी समय-सीमा केवल 2 महीने तय है। आयोग ने इसे हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 का उल्लंघन बताया।

सैलरी से काटा जाएगा जुर्माना

आदेश के अनुसार यह राशि सितंबर 2025 के वेतन से काटी जाएगी। यह जुर्माना राज्य कोषागार में जाएगा और मुआवजा सीधे अपीलकर्ता के खाते में जमा होगा। साथ ही विभागीय स्टाफ को ई-कुबेर प्रणाली पर प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में ऐसी देरी न हो।

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