कुरुक्षेत्र में ड्राइवर के शरीर में जिंदगी भर रहेगी गोली, डॉक्टरों ने ऑपरेशन से किया इनकार, जानें पूरा मामला

Edited By Manisha rana, Updated: 12 Jun, 2026 03:37 PM

bullet will remain in the driver body for the rest of his life in kurukshetra

इस्माइलाबाद में पुरानी रंजिश के चलते गोली का शिकार बने डंपर चालक गुलशन उर्फ गुल्लू के शरीर में फंसी गोली अब जिंदगी भर उसके साथ रह सकती है। पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सकों ने स्पष्ट कर दिया है कि रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली को निकालना बेहद जोखिम भरा है।

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : इस्माइलाबाद में पुरानी रंजिश के चलते गोली का शिकार बने डंपर चालक गुलशन उर्फ गुल्लू के शरीर में फंसी गोली अब जिंदगी भर उसके साथ रह सकती है। पीजीआई चंडीगढ़ के चिकित्सकों ने स्पष्ट कर दिया है कि रीढ़ की हड्डी में फंसी गोली को निकालना बेहद जोखिम भरा है। ऑपरेशन के दौरान नसों को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते फिलहाल गोली को शरीर के अंदर ही रहने देने का निर्णय लिया गया है।

खेड़ी शहीदां निवासी 27 वर्षीय गुलशन उर्फ गुल्लू का पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। गुलशन ने बताया कि चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच के बाद ऑपरेशन की संभावना पर विचार किया था, लेकिन विस्तृत परीक्षण में सामने आया कि गोली रीढ़ की हड्डी के अत्यंत संवेदनशील हिस्से में फंसी हुई है। यदि ऑपरेशन के दौरान किसी नस को क्षति पहुंचती है तो शरीर का कोई हिस्सा काम करना बंद कर सकता है और लकवे जैसी गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

डॉक्टरों ने जोखिम लेने से किया इनकार

चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल गोली जिस स्थान पर फंसी हुई है, उससे कोई तत्काल जानलेवा खतरा नहीं है। ऐसे में ऑपरेशन कर गोली निकालने की बजाय उसे शरीर में ही रहने देना ज्यादा सुरक्षित माना गया है। इस निर्णय के बाद अब गुलशन को नियमित चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा।

बर्गर खाने रुका था, तभी पहुंच गए आरोपी

गुलशन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बुधवार शाम वह डंपर लेकर इस्माइलाबाद बस अड्डे के समीप पहुंचा था। उसने वाहन रोककर एक रेहड़ी पर बर्गर खाने के लिए कदम बढ़ाए ही थे कि इसी दौरान इस्माइलाबाद निवासी मनिंद्र सिंह अपने मामा उल्फत सिंह और एक अन्य साथी के साथ कार में वहां पहुंच गया। शिकायत के अनुसार आते ही मनिंद्र सिंह ने उससे बहस शुरू कर दी। उसके हाथ में देसी पिस्तौल थी। पहले दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया। पिस्तौल देखकर घबराया गुलशन जान बचाने के लिए बस अड्डे से पिहोवा रोड की ओर भागने लगा।

पीछा कर मारी गोली

गुलशन का आरोप है कि मनिंद्र सिंह और उसका साथी उसके पीछे दौड़ पड़े, जबकि मामा उल्फत सिंह कार में पीछे-पीछे चल रहा था। आरोप है कि उल्फत सिंह लगातार मनिंद्र को गोली मारने के लिए उकसा रहा था। इसी दौरान मनिंद्र सिंह ने दो फायर किए, जिनमें से एक गोली गुलशन की पीठ के बाईं ओर जा लगी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा।

गंभीर हालत में पीजीआई किया गया रेफर

गोली चलने की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए पिहोवा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया।

छह माह पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह

गुलशन के अनुसार करीब छह माह पहले उसके मित्र आदिल खान और मनिंद्र सिंह के बीच विवाद हुआ था। उस मामले में उसके और उसके दोस्तों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था तथा सभी फिलहाल जमानत पर हैं। आरोप है कि उसी पुराने विवाद की रंजिश मनिंद्र सिंह और उसके मामा उल्फत सिंह के मन में थी और इसी कारण उस पर जानलेवा हमला किया गया।

मामा-भांजे समेत 3 आरोपियों पर मामला दर्ज

पीड़ित की शिकायत पर थाना इस्माइलाबाद पुलिस ने मामा-भांजे समेत तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीआईए और थाना पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। समाचार लिखे जाने तक आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर बताए गए हैं।

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