Edited By Isha, Updated: 06 Aug, 2026 03:00 PM

हरियाणा में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) और डिजिटल कृषि मिशन (एग्रीस्टेक) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू कराया है।
चंडीगढ़: हरियाणा में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) और डिजिटल कृषि मिशन (एग्रीस्टेक) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू कराया है। दोनों परियोजनाओं के एप में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और सैटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे खेत में बोई गई फसल और कृषि भूमि के उपयोग की सटीक जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी।
पंचकूला से शुरुआत, अब यमुनानगर में ग्राउंड ट्रेनिंग
डिजिटल सर्वे परियोजना के पायलट चरण के तहत पंचकूला जिले के टोका गांव में मास्टर ट्रेनरों को सफलता पूर्वक प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशिक्षण के अगले चरण में यमुनानगर जिले के जगाधरी स्थित तिगरी टोडरपुर में शिविर आयोजित किया जा रहा है।
किसानों को मिलेंगे ये सीधे फायदे
डिजिटल डेटा सत्यापन से 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' और 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' के तहत मुआवजा राशि बिना किसी प्रशासनिक देरी के सीधे किसानों के खातों में पहुंचेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद, खाद-बीज सब्सिडी और पीएम-किसान सम्मान निधि के पारदर्शी वितरण में मदद मिलेगी। सरकार को राज्य स्तर पर कुल उत्पादन का सटीक अग्रिम अनुमान मिलेगा, जिससे बाजार और निर्यात नीतियां समय पर बनाई जा सकेंगी।