Edited By Manisha rana, Updated: 15 May, 2026 09:38 AM

हरियाणा के चर्चित 590 करोड़ रुपए के आई.डी. एफ.सी. बैंक घोटाले की जांच की आंच अब वरिष्ठ आई.ए.एस. अफसरों तक पहुंच गई है।
चंडीगढ़ : हरियाणा के चर्चित 590 करोड़ रुपए के आई.डी. एफ.सी. बैंक घोटाले की जांच की आंच अब वरिष्ठ आई.ए.एस. अफसरों तक पहुंच गई है। सरकार ने सी.बी. आई. के पत्र पर 5 आई.ए.एस. अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत जांच की मंजूरी दे दी है जबकि 3 अन्य अफसरों की मंजूरी का मामला अभी पेंडिंग हैं। सी.बी. आई. ने मामले में जांच के लिए 8 अफसरों की अनुमति मांगी थी। माना जा रहा है कि सरकार से मंजूरी का पत्र मिलते ही सी.बी.आई. इन अफसरों से जल्द पूछताछ करेगी।
सूत्रों की मानें तो ये अफसर पंचायत एवं विकास विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पंचकूला नगर निगम और हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम में पदस्थ रहे हैं। इन विभागों में सबसे ज्यादा घोटाले को अंजाम दिया गया जिसमें से 3 लेखा अधिकारियों को सरकार पहले ही बर्खास्त कर चुकी है।
सरकार ने इसलिए दी 17-ए की अनुमति
दरअसल इस बैंक घोटाले में अब तक गिरफ्तार और पूछताछ में शामिल आरोपियों से मिले बयानों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसी को ऐसे दस्तावेज और फाइल मूवमैंट भी मिले हैं जिनमें कथित रूप से नियमों से हटकर फैसले लेने या आपत्तियों को नजरअंदाज करने के संकेत मिले हैं।
बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारियों की भूमिका सीधे वित्तीय मंजूरियों, भुगतान प्रक्रियाओं और बैंक खातों के संचालन से जुड़ी फाइलों में जांच के दायरे में आई है। इसी आधार पर सी.बी. आई. अफसरों से औपचारिक पूछताछ करना चाहती है। जांच में कुछ ऐसी कथित ऑडियो और डिजिटल रिकॉर्डिंग भी सामने आने की बात कही जा रही है जिनमें आरोपियों और अधिकारियों के बीच बातचीत होने का दावा है। सूत्रों के मुताबिक, इन रिकॉर्डिंग्स में फंड ट्रांसफर, बैंक खातों के संचालन और कार्रवाई से बचने जैसे विषयों पर चर्चा होने के संकेत मिले हैं।
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