Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 15 Jan, 2026 08:12 PM

इस बार जनवरी की सर्दी ने गुरुग्राम में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
बादशाहपुर, (ब्यूरो): इस बार जनवरी की सर्दी ने गुरुग्राम में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। कड़ाके की ठंड, शीतलहर और घने कोहरे के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बीते कुछ दिनों से तापमान लगातार गिरावट के साथ रिकॉर्ड तोड़ ठंड का अहसास करा रहा है। हालात ऐसे हैं कि मिलेनियम सिटी की ठंड पहाड़ी इलाकों को भी मात देती नजर आ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम स्तर बताया जा रहा है। वहीं दिन में भी धूप कमजोर रहने के कारण ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। सुबह और देर शाम घना कोहरा छाया रहता है, जिससे सड़कों पर दृश्यता कम हो रही है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठंड का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, बुजुर्गों और बच्चों पर देखा जा रहा है। खुले में काम करने वाले लोग अलाव के सहारे समय काटने को मजबूर हैं।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और चौराहों पर लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा कंबल वितरण और अलाव की व्यवस्था की जा रही है, जिससे जरूरतमंदों को कुछ राहत मिल सके। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर का प्रकोप जारी रह सकता है और तापमान में ज्यादा सुधार की संभावना नहीं है। ऐसे में गुरुग्रामवासी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही धूप खिले और इस रिकॉर्ड तोड़ सर्दी से राहत मिल सके।