पी.डब्ल्यू.डी. के कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शन

Edited By Naveen Dalal, Updated: 20 Jul, 2019 11:13 AM

p w d employees perform on deputy commissioner s office

पी.डब्ल्यू.डी. विभाग बचाओ संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर आज पी.डबल्यू.डी. के तीनों विभागों जनस्वास्थ्य विभाग, भवन व मार्ग शाखा, सिंचाई विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर व जनस्वास्थ्य विभाग की जल-मल योजना को नगर निगम के हवाले किए...

फतेहाबाद (ब्यूरो) : पी.डब्ल्यू.डी. विभाग बचाओ संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर आज पी.डबल्यू.डी. के तीनों विभागों जनस्वास्थ्य विभाग, भवन व मार्ग शाखा, सिंचाई विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर व जनस्वास्थ्य विभाग की जल-मल योजना को नगर निगम के हवाले किए जाने के विरोध में उपायुक्त कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को 7 सूत्री मांग पत्र भी भेजा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता राम सिंह वरिष्ठ उपप्रधान तथा धर्मपाल दरियापुर ने संयुक्त रूप से की व संचालन लाभ सिंह जिला सचिव द्वारा किया गया।

प्रदर्शन के माध्यम से कर्मचारियों ने मांग की कि जनस्वास्थ्य विभाग की पेयजल व सीवरेज के कार्यों को नगर निगमों में स्थानांतरण करने के निर्णय पर रोक लगाई जाए। जो योजना नगर निगमों को भेजी गई है, उन्हें वापस विभाग को सौंपा जाए। सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए तथा सेवा नियम में त्रुटि को दूर किया जाए। इसके अलावा उन्होंने जिन पदों की योग्यता मैट्रिक आई.टी.आई. है, उन सभी पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों को 5200-20200 का पे बैंड दिया जाए। सिंचाई विभाग के कैनाल गार्ड को तृतीय श्रेणी का दर्जा दिया जाए। तीनों विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती की जाए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार समान काम-समान वेतन दिया जाए। सभी कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने, मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को मैडीकल भत्ता 500 की बजाय 1 हजार रुपए देने की भी मांग की गई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता सूरजप्रकाश व सतपाल वर्मा ने कहा कि 8 शहरों की स्कीम नगर निगमों को एक वर्ष में स्थानांतरित की गई है, लेकिन नगर निगमों के पास ऐसा कोई अनुभव नहीं है कि जल एवं मल स्कीमों को सुचारू रूप से चला सके। जनता को बिना क्लोरिन का पानी पिलाकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति एक जैसे न होने के कारण परेशानियां हो रही है। इन्हीं मांगों को लेकर राज्य कमेटी के आह्वïान पर 15 से 22 जुलाई तक प्रदेशभर में प्रदर्शन कर उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने अब भी 3 अगस्त तक फैसला वापस नहीं लिया लिया तो 4 अगस्त को जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री के बावल स्थित आवास का घेराव किया जाएगा। धरने को कृष्ण कुमार चमारखेड़ा, इंद्र सिंह घासी, लाधुराम, कृष्ण सचदेवा, रमेश जगगा, राजूराम शर्मा, सूरजप्रकाश भाटिया, सत्यवाल वर्मा सहित अनेक कर्मचारी नेताओं ने भी संबोधित किया।

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