Edited By Isha, Updated: 17 Jan, 2026 01:15 PM

प्रदेश में 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और सुपरवाइजर पद की पात्रता पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति किया जाएगा। साथ ही सुपरवाइजर 50 फीसदी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं
चंडीगढ़: प्रदेश में 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और सुपरवाइजर पद की पात्रता पूरी करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति किया जाएगा। साथ ही सुपरवाइजर 50 फीसदी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में से व शेष 50 फीसदी सीधी भर्ती से नियुक्त किए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में महिला व बाल विकास विभाग की आयोजित बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए अहम निर्णय लिया है। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रहीं।
सीएम सैनी ने कहा कि महिला व बाल विकास को लेकर पिछले बजट के दौरान 66 घोषणाओं में से 59 को पूरा किया जा चुका है। वहीं, तीन घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में कुपोषित बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए अतिरिक्त धनराशि देने की घोषणा की है। ऐसे बच्चों को उबले हुए काले चने, चूरमा के अलावा किन्नू देने का प्रावधान किया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि साल 2024 में चिन्हित 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण से निजात दिलवाई गई अब 26 हजार बच्चे ही शेष रह गए हैं। कुपोषण मुक्त प्रदेश बनाने के लिए बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए जिला नूंह में चलाई जा रही रेसीपी को प्रदेश भर की आंगनबाड़ी केंद्रों में लागू किया जा रहा है। सीएम ने कहा कि दो हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलने की घोषणा के अनुसार 2807 केंद्रों को अपग्रेड किया जा रहा है। 20 करोड़ रुपये की राशि में सक्षम आंगनबाड़ी के तहत वस्तुओं की खरीद प्रक्रियाधीन है। तकरीबन 81 करोड़ रुपये की लागत से दो हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले वे स्कूल में अपग्रेड किया जा रहा है।