Edited By Isha, Updated: 04 Jan, 2026 06:43 PM

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा का जन्मदिन पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही उनके दिल्ली निवास पर केक, मिठाई लेकर बड़ी संख्या कार्यकर्ता, नेता व गणमान्य लोग पहुंचे और उन्हें शुभकामनाएं दी
डेस्क: सांसद दीपेन्द्र हुड्डा का जन्मदिन पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही उनके दिल्ली निवास पर केक, मिठाई लेकर बड़ी संख्या कार्यकर्ता, नेता व गणमान्य लोग पहुंचे और उन्हें शुभकामनाएं दी। इतनी रिकॉर्ड तोड़ भीड़ इससे पहले देहली कोठी पर नही देखी गयी। सुबह से देर रात तक लोगो और नेताओं तांता लगा रहा है ।

इस दौरान देश और प्रदेश से सांसद, पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक सहित हजारों की तादाद में लोग मौजूद रहे और केक काटकर उनको बधाई दी। दीपेंद्र हुड्डा सुबह से देर शाम तक कार्यकर्ताओं द्वारा लाये गये केक काटते रहे और खुशियां बांटते रहे।
दीपेंद्र हुड्डा ने लोगों के अपनेपन और स्नेह का आभार व्यक्त किया और सभी को नये साल की मुबारकबाद दी। यद्यपि आज रविवार का दिन था और कार्यालयों में छुट्टी थी, फिर भी दिल्ली के तालकटोरा रोड पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने जन्मदिवस के अवसर पर मिले स्नेहिल संदेशों, शुभकामनाओं और आशीर्वाद के लिये सभी का आभार व्यक्त किया। पूरे हरियाणा में भी ऐसा माहौल बना रहा कही ब्लड डोनेशन कैम्प, कही भंडारे कही केक काटकर, कही गरीबो में राशन व फल बांटकर मनाया गया।

सांसद दीपेन्द्र हुड्डा आम दिनों में भी लोगों के बीच ही रहते हैं। ऐसा कोई दिन नहीं होता जब वो फील्ड में लोगों से न घिरे हों या दिल्ली में अपने सरकारी आवास पर लोगों के बीच न बैठे हों। उन्होंने हाल में खत्म हुए संसद के शीतकालीन सत्र में लोकसभा में सार्वजनिक महत्त्व के कई मुद्दे उठाए और सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया। उन्होंने संचार साथी एप पर कड़ा विरोध किया जिसके बाद सरकार ने इसकी प्रीलोड अनिवार्यता को वापस लिया।

NCR में वायु प्रदूषण की समस्या, अपने निर्वाचन क्षेत्र रोहतक में युवा बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत और MPLADS फंड दिए जाने के बावजूद उसका उपयोग न होना, बाढ़ प्रभावित हरियाणा के लिए केंद्रीय सहायता की मांग, हरियाणा में घटता लिंगानुपात, हरियाणा में टोल प्लाजा की भारी वसूली, कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में हरियाणा को सह-आयोजक राज्य बनाने की मांग और खेल बजट दिए जाने में हरियाणा के साथ भेदभाव समेत वंदे मातरम पर हुई चर्चा में कांग्रेस पार्टी की तरफ से जोरदार ढंग से पक्ष रखा। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी की कोई रैली हो या अन्य कोई प्रोग्राम हरियाणा में सभी नेताओं की तुलना में कार्यक्रम सफल बनाने का योगदान पिछले 20 साल से दीपेंद्र के ही कंधों पर ही रहता है।