Edited By Isha, Updated: 29 Nov, 2025 03:48 PM

सुप्रीम कोर्ट ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ हुई कथित अमानवीय घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है
रोहतक/नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में महिला सफाई कर्मचारियों के साथ हुई कथित अमानवीय घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार, हरियाणा सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने महिला सफाई कर्मचारियों से उनके प्राइवेट पार्ट की तस्वीरें लेकर यह साबित करने के लिए कहा कि वे मासिक धर्म से गुजर रही हैं। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ
ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह घटना महिलाओं की गरिमा और मानसिकता से जुड़े व्यापक सामाजिक मुद्दे को उजागर करती है। जस्टिस नागरत्ना ने टिप्पणी की कि कर्नाटक जैसे राज्यों में जहां मासिक धर्म अवकाश देने की पहल की जा रही है, वहीं इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में अवकाश देने के लिए भी सबूत मांगे जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मामले को गंभीर आपराधिक मुद्दा बताते हुए इसकी जांच की मांग की। अब इस मामले में 15 दिसंबर को सुनवाई होगी।