एस.यू.सी.आई. ने अमरीकी राष्ट्रपति का पुतला फूंका

Edited By Isha, Updated: 25 Feb, 2020 10:53 AM

suci blew the effigy of us president

विश्व साम्राज्यवदियों के सरगना अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत आगमन पर एस.यू.सी.आई. (कम्युनिस्ट) पार्टी ने यहां दिनोद गेट से हांसी गेट तक विरोध प्रदर्शन किया और डोनाल्ड ट्रम्प का पुत

भिवानी: विश्व साम्राज्यवदियों के सरगना अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत आगमन पर एस.यू.सी.आई. (कम्युनिस्ट) पार्टी ने यहां दिनोद गेट से हांसी गेट तक विरोध प्रदर्शन किया और डोनाल्ड ट्रम्प का पुतला फूंका। पार्टी के राज्य कमेटी सदस्य रामफल ने कहा कि साम्राज्यवादी लुटेरे देशों के सरगना अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भारत में बुलाकर केन्द्र की भाजपा सरकार कई तरह के नाजायज समझौते कर रही है।

भारत और अमरीका ऐसे व्यापारिक सौदे पर मुहर लगाने वाले हैं जिससे अमरीका अपने कृषि और औद्योगिक उत्पादों, चिकित्सा उपकरणों और डेयरी के साथ-साथ पोल्ट्री उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में अधिक से अधिक पहुंच बनाना चाहता है। इसके अलावा, प्रतिरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाया जाएगा। भारतीय पूंजीपति वर्ग जो बहुत पहले से ही साम्राज्यवादी बन चुका है, अमरीका के साथ आॢथक-वाणिज्यिक-कूटनीतिक-सैन्य क्षेत्र में अपने सम्बंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है जोकि आम लोगों के विशाल तबके, विशेषकर दोनों देशों के मेहनतकशों के हितों के सर्वथा विपरीत है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं।


उन्होंने कहा कि अमरीकी साम्राज्यवाद मानव जाति का घृणित दुश्मन है। अमरीका पिछले 3 साल से भारत के बाजार को अपने कृषि, डेयरी व पोल्ट्री उत्पादों, चिकित्सा यंत्रों और औद्योगिक सामानों से बाजार को पाट देने के लिए भारत सरकार पर दवाब बनाता आ रहा है। भारत सरकार अमेरिका से से होने जा रहे समझौते के तहत वहां से दूध और दूध से बनी चीजें, पनीर लस्सी आदि, सेब-अखरोट-बादाम जैसे फल व मेवे, सोयाबीन व खाने के तेल, गेहूं, मक्का, धान आदि अनाजों को भारत में आयात की इजाजत देने जा रहा है। आयात शुल्क 64 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी तक किया जा रहा है। हर साल करीबन 42,000 करोड़ का माल अमरीका से भारत के बाजार में आना है। देश के किसानों को जब यहां अपनी फसलों के दाम नहीं मिल रहे हैं और कर्ज में डूब कर गरीब किसान व खेत मजदूर आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। 

पार्टी के जिला कमेटी सदस्य राजकुमार बासिया ने कहा कि यह वही अमरीका है जो खुल्लम-खुल्ला फौजी हमले करके गरीब देशों की आजादी और सम्प्रभुता को पैरों तले रौंदता आया है। वह अपने हथियार बेचने के लिए उनमें देशों के बीच युद्ध कराता है, धार्मिक कट्टरता व नस्ली भेदभाव को हवा देकर वहां के लोगों को आपस में मार-काट में उलझाता है। 

एस.यू.सी.आई. (सी) के जिला सचिव राजकुमार जांगड़ा ने कहा कि देश के आम गरीब लोगों व किसान-मजदूरों के हितों की बलि चढ़ाकर भारत के बड़े-बड़े पूंजीपति दुनिया के साम्राज्यवादी अमरीका के साथ मिलकर लूट-खसौट में हिस्सेदारी चाहते हैं। नाजायज समझौते किए जा रहे हैं, जो हमारे देश के आजादी आंदोलन की साम्राज्यवाद-विरोधी शानदार परंपरा के बिल्कुल उलट हैं। यह नेताजी सुभाषचंद्र बोस और शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों व शहीदों का सरासर अपमान है। एस.यू.सी.आई. (सी) ने मांग की कि भारत सरकार अमरीका से नाजायज समझौते करने से बाज आएं।

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