Edited By Manisha rana, Updated: 10 Nov, 2025 08:41 AM

पानीपत में रिटायर्ड अधिकारी साइबर ठगों का शिकार हो गया, जिन्होंने एक नहीं दो नहीं बल्कि 18 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। साइबर ठगों ने ट्रांजेक्शन मिलान करने के बहाने 42.70 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
पानीपत : पानीपत में रिटायर्ड अधिकारी साइबर ठगों का शिकार हो गया, जिन्होंने एक नहीं दो नहीं बल्कि 18 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। साइबर ठगों ने ट्रांजेक्शन मिलान करने के बहाने 42.70 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता समालखा निवासी सुभाष ने पुलिस को बताया कि वह नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (एनएफएल) से अधिकारी के पद से रिटायर्ड हैं। उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है और बेटा गुरुग्राम में जॉब करता है। वह घर में अकेले रहते हैं। 16 अक्टूबर को उनके फोन पर अज्ञात नंबर से फोन आया। जिसने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उसने कहा कि हमने नरेश नाम का एक आरोपी पकड़ा है, जिसने आपका बैंक खाता 5 लाख रुपए में खरीदा है। इस खाते से दो करोड़ रुपए का लेनदेन किया गया है। आरोपी ने आपको 10 प्रतिशत कमीशन के 10 लाख रुपए दिए हैं।
केस से नाम हटाने के एवज में मांगे रुपए, कुल 42.70 लाख रुपए करवाए ट्रांसफर
वहीं इसके बाद आरोपियों ने वीडियो कॉल कर एक व्यक्ति को दिखाकर कहा कि यही नरेश है, जिसे आपने खाता बेचा है। उसके बाद आरोपियों ने सीबीआई से संबंधित कागजात भेजे और कहा कि आपको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है। केस से नाम हटाने के एवज में रुपए मांगे। आरोपियों ने सुभाष से कहा कि यदि आपको केस से बाहर निकलना है तो आप बैंक खातों की डिटेल भेज दो। जिसके बाद उन्होंने सभी जानकारी आरोपियों के पास भेज दी। आरोपियों ने कहा कि आपके पास बैंक में व घर पर जितना भी कैश है, वो सब हमें भेज दो। फिर आरोपियों ने 17 अक्टूबर से 1 नवंबर तक अलग-अलग बैंक खातों में कुल 42.70 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए।
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