कृषि कानूनों के विरोध में 4 पंचायत सदस्यों ने दिया इस्तीफा, हरियाणा किसान एकता ने जताया आभार

Edited By Manisha rana, Updated: 05 Feb, 2021 11:27 AM

panchayat members resign in protest against agricultural laws

तीन कृषि बिलों के विरोध में व किसान आंदोलन के समर्थन में गांव खोखर की ग्राम पंचायत के 4 सदस्यों ने आज अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए इन चारों पंचायत सदस्यों ने अपना इस्तीफा ओढ़ां के खंड विकास...

डबवाली : तीन कृषि बिलों के विरोध में व किसान आंदोलन के समर्थन में गांव खोखर की ग्राम पंचायत के 4 सदस्यों ने आज अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए इन चारों पंचायत सदस्यों ने अपना इस्तीफा ओढ़ां के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को सौंपते हुए केंद्र सरकार द्वारा लागू किए तीनों कृषि कानूनों को वापिस लेने की मांग उठाई है। हरियाणा किसान एकता डबवाली के प्रतिनिधि एसपी सिंह मसीतां व अन्य ने किसान आंदोलन के समर्थन में इस्तीफा देने वाले गांव खोखर के चारों पंचायत सदस्यों का स्वागत किया। 

गांव खोखर ग्राम पंचायत के वार्ड न. 7 से  पंचायत सदस्य मलकीत कौर वार्ड न. 2 से पंचायत सदस्य गुरप्रीत सिंह, वार्ड न. 5 से पंचायत सदस्य जीवन सिंह, वार्ड न. 6 से पंचायत सदस्य सुखपाल सिंह ने अपने संयुक्त इस्तीफा पत्र देते हुए उसमें लिखा है कि केंद्र सरकार ने कृषि संबंधित तीन बिल पास किए हैं। ये खेती बिल सरासर गलत हैं व किसानों के साथ अन्याय है। पंचायत सदस्यों ने कहा कि किसानों का आंदोलन पिछले करीब 70 दिनों से चल रहा है। लेकिन केंद्र सरकार किसानों की मांगों को जानबूझकर अनदेखा कर रही है। अन्नदाताओं की कड़ाके की सर्दी के कारण जान भी जा रही है। आंदोलन में जान गंवानें वाले किसानों संख्या करीब 200 तक हो चुकी है।  इन पंचायत सदस्य पद से इस्तीफा देने वालों ने आरोप लगाया कि सरकार किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए तरह-तरह के षडयंत्र भी रच रही है। 

26 जनवरी की घटना प्रायोजित साजिश
पद से इस्तीफा देने वाले इन पंचायत सदस्यों ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी को लाल किले की घटना सरकार की प्रायोजित साजिश थी। इस साजिश में सरकार कामयाब भी रही ताकि इस आंदोलन को जातिय रंग दिया जा सके और आंदोलन खत्म किया जा सके। चारों पंचायत मैंबरों ने कहा कि इसीलिए किसान आंदोलन के प्रति सरकार के रवैये को देखते हुए उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का फैंसला लिया है। साथ ही उन्होंने लिखा कि उनका इस्तीफा मंजूर करने के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी सूचित किया जाए ताकि केंद्र सरकार अपनी गलत नीतियों को समझ सके और तीनों कृषि कानून सरकार वापिस ले। उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग भी की। इन्होंने मांग की कि दिल्ली बार्डर पर आंदोलन में बैठे किसानों के जान-माल की सुरक्षा भी की जाए। इसे लेकर हरियाणा किसान एकता डबवाली के प्रतिनिधि एसपी सिंह मसीतां व अन्य ने किसान आंदोलन के समर्थन में इस्तीफा देने वाले गांव खोखर के चारों पंचायत मैंबरों का स्वागत किया है।मसीतां ने कहा कि इससे आंदोलन को और मजबूती मिली है। 

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