Edited By Yakeen Kumar, Updated: 18 Nov, 2025 08:40 PM

हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिरसा और सोनीपत के दो चिकित्सा अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।
चंडीगढ़ : हरियाणा में गिरते लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिरसा और सोनीपत के दो चिकित्सा अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने लिंगानुपात सुधार में लापरवाही और लगातार गिरती दर को गंभीर मानते हुए पीएचसी जट्टांवाली (सिरसा) के मेडिकल अधिकारी और हलालपुर (सोनीपत) के एसएमओ के खिलाफ कार्रवाई की है।
मंगलवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उन्होंने सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर, चरखी दादरी, मेवात और झज्जर के उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों से बातचीत की। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे सिविल सर्जनों के साथ मिलकर अवैध गर्भपात के मामलों की रिवर्स-ट्रैकिंग करवाएं और लिंगानुपात सुधार की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
राज्य सरकार ने इस वर्ष लिंगानुपात को 920 तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आपसी तालमेल बढ़ाकर प्रभावी रणनीति लागू करने के लिए कहा।
साथ ही निर्देश दिया गया कि सभी जिलों में बीएएमएस, जीएएमएस और बीएचएमएस डॉक्टरों द्वारा संचालित क्लिनिक व अस्पतालों की सूची तैयार की जाए। यह भी स्पष्ट किया गया कि कोई भी रजिस्टर्ड गायनेकोलॉजिस्ट दो से अधिक केंद्रों पर गर्भपात संबंधी सेवाएं नहीं दे सकेगा। इसके लिए आवश्यक कानूनी प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजने के आदेश दिए गए हैं।
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