निजी स्कूलों को बड़ी राहत, गैर-मान्यता प्राप्त स्कूल भी 10वीं व 12वीं के बच्चों को दिलवा सकेंगे रेगुलर परीक्षा

Edited By Gourav Chouhan, Updated: 19 Jan, 2023 07:57 PM

big relief to private schools in haryana by educational department

शिक्षा विभाग ने इसे अंतिम अवसर बताते हुए अगले साल तक सरकार के नियमों को पूरा करने के आदेश जारी किए हैं। कुलभूषण शर्मा के अनुसार भूमि से संबंधित नियम निजी स्कूल पूरे नहीं कर पा रहे।

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी) : बच्चों को रेगुलर परीक्षा दिलवाना प्रदेश के बहुत से निजी स्कूलों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था, अब उन्हें कुछ हद तक राहत प्रदान हुई है। दरअसल लंबे समय से सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूलों के लिए बनाए गए नियमों की पालना ना कर पाने के कारण उन्हें मान्यता नहीं दी जा रही थी। लेकिन हर साल प्राइवेट स्कूल संचालकों द्वारा रिलीफ मांगने पर बच्चों का भविष्य प्रभावित ना हो इसलिए उन्हें छूट दे दी जाती थी। लेकिन इस साल शिक्षा विभाग के सख्त रवैया के बाद प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के चेयरमैन कुलभूषण शर्मा के नेतृत्व में स्कूल संचालकों का एक डेलिगेशन प्रदेश के शिक्षा मंत्री -अतिरिक्त मुख्य सचिव और डायरेक्टर से मिला था। क्योंकि सरकार के इन आदेशों से निजी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 3 लाख बच्चे प्रभावित होने थे, जिस पर विचार करते हुए विभाग ने मात्र इस साल रेगुलर परीक्षा दिलाने पर सहमति दे दी है। शिक्षा विभाग ने इसे अंतिम अवसर बताते हुए अगले साल तक सरकार के नियमों को पूरा करने के आदेश जारी किए हैं। कुलभूषण शर्मा के अनुसार भूमि से संबंधित नियम निजी स्कूल पूरे नहीं कर पा रहे। क्योंकि नियम 2003 में बनाए गए और बहुत से स्कूल 2003 से पूर्व चल रहे थे। जिस कारण स्कूलों के आसपास भूमि उपलब्ध ना होने के कारण उन्हें खरीदा नहीं जा सकता। बाकी नियम पर्याप्त कमरे और अध्यापकों के चलते निजी स्कूल पूरा कर रहे हैं। प्रदेश के हजारों स्कूल ऐसे हैं जिनकी 10वीं और 12वीं की परीक्षा का पेंच फंसा हुआ था। कुलभूषण शर्मा के अनुसार 10वीं और 12वीं की परीक्षा से प्रभावित होने वाले लगभग 1 लाख बच्चे थे, लेकिन 9वी और 11वीं के बच्चे भी इससे प्रभावित होते, जिन्हें मिलाकर लगभग बच्चों की संख्या 3 लाख से अधिक व्यक्ति है।

 

सर्दियों की छुट्टियां एक्सटेंड करने के फैसले को तुरंत निरस्त करें सरकार : कुलभूषण शर्मा

 

इस मौके पर कुलभूषण शर्मा ने सर्दी की छुट्टियों को एक्सटेंड करने पर प्राइवेट स्कूलों द्वारा विरोध के सवाल पर जवाब देते हुए इसे प्राइवेट स्कूलों की मजबूरी बताया। उन्होंने कहा कि निजी स्कूल संचालकों की जवाबदेही अभिभावकों के प्रति होती है। अच्छे परिणाम देने के लिए निजी स्कूल हमेशा प्रयास करते हैं। पिछले लगभग 2 माह त्योहारों की भेंट चढ़ गए और अगले माह पेपर होने के कारण स्कूल संचालक मजबूर है। कोविड की वजह से 2 साल तक शिक्षा प्रभावित रही। देश और प्रदेश के बच्चों के भविष्य पर इसका बेहद असर पड़ा है।  उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में की गई मजबूत फिजिकल विकास की बात ज्यादा गर्मी और ज्यादा सर्दी को लेकर छुट्टियों से कैसे पूरी हो पाएगी। कुलभूषण शर्मा के अनुसार फरीदाबाद- गुड़गांव में स्कूल बंद है जबकि एक जैसे मौसम होने पर भी दिल्ली में खुले हुए हैं। चंडीगढ़ में स्कूल खुले हैं और चंडीगढ़ के साथ पंचकूला में स्कूल बंद है। इसलिए इस विषय पर गहनता से विचार होना चाहिए और इन छुट्टियों पर सरकार को तुरंत फैसला लेकर इसे निरस्त करना चाहिए। क्योंकि आरटीई में भी 220 दिन शिक्षा देने का प्रावधान है। 

 

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सफलता को लेकर 19 फरवरी को अंबाला में करेंगे सेमिनार : कुलभूषण शर्मा

 

कुलभूषण शर्मा ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफल बनाने के उद्देश्य से आने वाली 19 फरवरी को अंबाला में विशाल सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। जिसमें हरियाणा के लगभग 1500 स्कूल तो शामिल होंगे ही, देश के कुछ स्कूल हिस्सा लेंगे। इसमें देश के जाने-माने शिक्षाविद अपने विचार रखेंगे और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में कोने कोने में जानकारी जाए, यह हमारा उद्देश्य रहेगा। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति जिन उद्देश्यों से बनाई गई है उनमें अधिक से अधिक सफलता मिले और शिक्षा नीति का अधिक से अधिक लाभ बच्चों को दिलवाना हमारा उद्देश्य है।

 

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