आईएससीआर के 19वें वार्षिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन, भारत में पेशेंट सेंट्रिक क्लीनिकल रिसर्च को आकार देने वाले डिजिटल इनोवेशन पर हुई चर्चा

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 15 Feb, 2026 06:10 PM

19th annual conference of iscr organized

क्लीनिकल रिसर्च प्रोफेशनल्स के एसोसिएशन इंडियन सोसायटी फॉर क्लीनिकल रिसर्च (आईएससीआर) ने अपना 19वां वार्षिक कॉन्फ्रेंस सफलतापूर्वक आयोजित किया है।

गुड़गांव ब्यूरो : क्लीनिकल रिसर्च प्रोफेशनल्स के एसोसिएशन इंडियन सोसायटी फॉर क्लीनिकल रिसर्च (आईएससीआर) ने अपना 19वां वार्षिक कॉन्फ्रेंस सफलतापूर्वक आयोजित किया है। इसमें 1900 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया और 285 प्रतिष्ठित वक्ताओं ने बताया कि कैसे डिजिटल इनोवेशन, वैश्विक गठजोड़ और नियामकीय उत्कृष्टता से भारत में पेशेंट-सेंट्रिक क्लीनिकल रिसर्च के भविष्य को नई दिशा मिल रही है। होटल विवांता में आयोजित वार्षिक कॉन्फ्रेंस से पहले 12 फरवरी को प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसके बाद 13 और 14 फरवरी को वार्षिंक कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।

 

‘पेशेंट सेंट्रिक वैल्यू क्रिएशन के लिए डिजिटल इनोवेशन, वैश्विक गठजोड़ और नियामकीय उत्कृष्टता के माध्यम से भारत में क्लीनिकल रिचर्स में तेजी’ की थीम पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में क्लीनिकल रिसर्चर्स, भारतीय एवं वैश्विक फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डायग्नोस्टिक्स, आरएंडडी कंपनियों, रिसर्च ट्रेनी और स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया। डॉ. जेरिन जोस चेरियन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च, डॉ. सुदीप गुप्ता टाटा मेमोरियल सेंटर, डॉ. वाई के गुप्ता एम्स–जम्मू एवं भोपाल, डॉ. सुमन कारंत फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च सेंटर, डॉ. उपेंद्र कॉल बत्रा हॉस्पिटल, डॉ. गणेश डाखले एम्स और गौरव चक्रवर्ती वेरामेड समेत उद्योग जगत के अग्रणी लोगों और विचारकों ने उभरते ट्रेंड, बदलते नियामकीय ढांचे और क्लीनिकल रिसर्च में डिजिटल टेक्नोलॉजी की बढ़ती भूमिका पर आयोजित परिचर्चा में भाग लिया। अन्य वक्ताओं में सन फार्मा, फाइजर, आईक्यूवीआईए, डॉ. डैंग्स लैब, सिटी इमेजिंग एंड क्लीनिकल लैब्स, सीआरएनअसीआरएनआई, एबियोजेनेसिस क्लिनफार्म, नोवोटेक, एडवारा, डायग्नोसर्च लाइफ साइंसेज, थर्मो फिशर साइंटिफिक, फोर्टिस जैसी अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल रहे।

 

प्रमुख सत्रों में ग्लोबल क्लीनिकल डेवलपमेंट, क्लीनिकल ट्रायल साइट्स के विकास के अनुरूप क्लीनिकल रिसर्च में परिचालन दृढ़ता, नियामकीय दक्षताओं, वैश्विक गठजोड़, डाटा इंटेग्रिटी, इनोवेशन और पेशेंट सेंट्रिक रिसर्च मॉडल्स चर्चा हुई। इसमें हाई क्वालिटी क्लीनिकल रिसर्च के प्रमुख स्रोत के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करने के अवसर पर बात की गई। भारत में क्लीनिकल रिसर्च के महत्व को लेकर आईएससीआर की प्रेसिडेंट डॉ. सीमा पई ने कहा भारत का क्लीनिकल रिसर्च इकोसिस्टम बड़े बदलाव से गुजर रहा है। डिजिटल टेक्नोलॉजी, डाटा आधारित रिसर्च मॉडल्स में उन्नति और पेशेंट सेंट्रिक ट्रायल डिजाइन से इसे गति मिली है। साथ मिलकर इन सभी कदमों से ज्यादा दक्ष, समावेशी और स्केलेबल क्लीनिकल रिसर्च का रास्ता खुला है। साथ ही पूरी रिसर्च लाइफसाइकिल के दौरान मरीजों की एंगेजमेंट एवं भरोसा भी बढ़ा है।’

 

‘हालिया नियामकीय सुधारों और नीतिगत कदमों से वैश्विक मानकों के अनुरूप और भविष्य के लिए तैयार रिसर्च का माहौल बनाने की दिशा में भारत की मजबूत प्रतिबद्धता दिखती है। केंद्रीय बजट में हेल्थकेयर, इनोवेशन एवं रिसर्च पर लगातार जोर दिया जा रहा है।’ प्रतिभागियों में साझा उद्देश्य की भावना के साथ कॉन्फ्रेंस का समापन हुआ। इसमें विचारों को कदमों में बदलने के लिए साथ मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया गया। क्लीनिकल रिसर्च इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न लोगों को एक प्लेटफॉर्म पर लाते हुए 19वें आईएससीआर वार्षिक कॉन्फ्रेंस से मरीजों को ध्यान में रखने वाले, टेक्नोलॉजी आधारित रिसर्च की दिशा में भारत की तैयारी सामने आई। साथ ही भरोसा, गठजोड़ और मरीजों एवं हेल्थकेयर कम्युनिटी के लिए लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएट करने की दिशा में भी प्रतिबद्धता दिखी।

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