राज्य सरकार की पहल, अब मासूम बच्चों को नहीं मिलेगा गृह कार्य

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Saturday, August 19, 2017-12:14 PM

चंडीगढ़/रादौर (कुलदीप सैनी):हरियाणा के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पहली कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों को बस्तों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य सरकार ने पहल की है। इसके प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 22 जिलों के 110 स्कूलों का चयन किया गया है। इन बच्चों को अब गृह कार्य नहीं दिया जाएगा। इन स्कूलों में सफलता मिलने के बाद राज्य के बाकि सरकारी स्कूलों में भी इस योजना को शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी 119 खंडों में एक-एक साईंस पार्क स्थापित करने का भी निर्णय लिया है ताकि बच्चे खेल खेल में साईंस को समझ सकें। यह निर्णय सर्व शिक्षा अभियान की 44वीं कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया। 
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बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव डी.एस. ढेसी ने की। बैठक में उन्होंने सभी जिलों के अतिरिक्त उपायुक्तों को जिलों के लिए बनाए जा रहे विजि़न डाक्यूमेंट-2022 में शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को जरूर शामिल करने के निर्देश भी दिए।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2017-18 में लगभग 35000 अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा जिस पर लगभग 5 करोड़ 38 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। 
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बैठक में बताया गया कि अक्तूबर माह तक 100 रिसोर्स पर्सनज को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे 3000 मौलिक मुख्य अध्यापकों को प्रशिक्षित कर सकें। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017-18 में दिव्यांग बच्चों के लिए सभी 119 खण्डों में मैडिकल एसेसमैंट कैंप लगाए जा चुके हैं। ब्रेल लिपि में पुस्तकें प्रकाशित करवाने के लिए देहरादून संस्थान को आर्डर दे दिया गया है।

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