पाकिस्तान के हनीट्रैप में फंसे रविन्द्र फौजी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने किए अहम खुलासे

Edited By Shivam, Updated: 15 Jul, 2019 05:10 PM

after the arrest of ravindra fauji police did important revelations

पाकिस्तान को खुफिया जानकारी देने के आरोप में हरियाणा के नारनौल से गिरफ्तार फौजी रवींद्र से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं, जिसमें यह आशंका भी जताई गई है कि भारत की कई लड़कियां और महिलाएं भी...

नेशनल डेस्क: पाकिस्तान को खुफिया जानकारी देने के आरोप में हरियाणा के नारनौल से गिरफ्तार फौजी रवींद्र से हुई पूछताछ के बाद पुलिस ने कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं, जिसमें यह आशंका भी जताई गई है कि भारत की कई लड़कियां और महिलाएं भी पाकिस्तानी एजेंट मुहम्मद इरफान कुरैशी के संपर्क में हैं। यह वही कुरैशी है जिसके मोबाइल फोन के जरिए पाकिस्तानी महिला एजेंट ने रवींद्र से संपर्क बनाया। हनी ट्रैप का शिकार हुए रवींद्र ने कुबूल किया है कि देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले तमाम गद्दार छिपे हैं। रवींद्र से पूछताछ के बाद पुलिस को दिल्ली स्थित अजीमा होटल से मुहम्मद इरफान कुरैशी का वीजा हाथ लगा है।

पुलिस अधिकारियों का दावा है कि होटल से मिले वीजा में अलग नंबर है। होटल में जहां पर रुका था, वहां पर अलग एवं अजमेर दरगाह में भी अलग ही फोन नंबर दिए गए हैं. गौर करने वाली बात यह है कि दोनों नंबर भारत के ही हैं. जांच में कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो कुरैशी के गुर्गे बनकर कार्य कर रहे हैं।

फोन नंबर की लोकेशन मिल रही दिल्ली
मुहम्मद इरफान कुरैशी के वर्ष 2018 की कॉल रिकॉर्ड में यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि इसके संपर्क में अन्य लोग भी हैं। पुलिस को 7 अक्टूबर 2018 की कॉल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर) में तीन संदिग्ध नंबर मिले हैं. इन नंबरों की लोकेशन दिल्ली है। पुलिस अब तीनों नंबरों की आइडी के माध्यम से पता लगाने में जुटी है कि आखिर ये नंबर किसके हैं व कितने दिनों से कुरैशी के साथ जुड़े हुए हैं। पुलिस ने इन नंबरों की भी कॉल रिकार्ड व वाट्सएप रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक इरफान कुरैशी महिलाओं के जरिए भारतीय सेना के जवानों पर वर्ष 2016 से ही अपना जाल बिछा रहा था। यह भी बताया गया है कि कुरैशी फोन नंबर तो कपड़ों की तरह बदलता है। पुलिस की जैसे ही जांच आगे बढ़ रही है तो उससे जुड़े काले कारनामे सामने आ रहे हैं।

सीडीआर में मिले नंबर दिल्ली में थे चालू
पुलिस ने जब रवींद्र फौजी के फोन पर आए वाट्सएप नंबरों की सीडीआर निकलवाई तो इन नंबर की लोकेशन सात अक्टूबर 2018 तक दिल्ली में आई. इसके बाद नंबर की लोकेशन का कुछ नहीं पता है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2018 से इसने वाट्सएप कॉल करनी शुरू कर दी. वर्ष 2018 में भी इस नंबर से चुनिंदा नंबरों पर कॉल की गई है, जिसमें तीन नंबरों पर अधिक कॉल हुई, जो कि संदिग्ध दिखाई दे रहे हैं. हालांकि इन नंबरों की छानबीन भी पुलिस ने शुरू कर दी है।

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