सोहटी के ग्रामीणों ने लिया बढ़े हुए बिजली बिल न भरने का फैसला

Edited By Isha, Updated: 06 Oct, 2019 03:54 PM

villagers of sohati took the decision not to pay the increased electricity bill

शनिवार को सोहटी गांव में जगमग योजना के तहत बिजली निगम द्वारा अप्रत्याशित रूप से बढ़े हुए बिलों से पीड़ित गांववासियों ने हाथ में बिल लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सरपंच सुमन देवी ने गांव में बिजली

खरखौदा (शर्मा): शनिवार को सोहटी गांव में जगमग योजना के तहत बिजली निगम द्वारा अप्रत्याशित रूप से बढ़े हुए बिलों से पीड़ित गांववासियों ने हाथ में बिल लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सरपंच सुमन देवी ने गांव में बिजली बिल न भरने की मुनादी कराकर बहिष्कार का फैसला लिया। महिलाओं द्वारा जबरदस्त विरोध प्रकट किया गया। विरोध प्रकट कर रहे ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि गलती से कोई भी व्यक्ति बिल भरता है तो पंचायत द्वारा उस पर जुर्माना किया जाएगा।

ग्रामीणों ने 44 कनाल शामलात भूमि बिजली घर के लिए दी थी जिसके बदले उन्हें 22 घंटे बिजली देने का वायदा किया गया था। गांव में 4 हजार से लेकर 72 हजार रुपए तक बिल बिजली निगम द्वारा भेजे हैं। जिसमें 7 रुपए प्रति यूनिट नगर निगम चार्ज, डिजीटल मीटर, सप्लाई वायर और सर्विस चार्ज लगाए गए है। जो योजना पूर्व 2 रुपए प्रति यूनिट  के साथ अढ़ाई सौ यूनिट फ्री बिजली की वायदा खिलाफी है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली दर कम न करके तुलनात्मक उद्योगों को 2 रुपए प्रति यूनिट घटाकर ग्रामीणों के हिस्से का सबसिडी लाभ जारी करके कुठाराघात किया है।  शामलात श्रेणी की भूमि होने के कारण बिजली घर में अधिकृत जमीन का नए भूमि अर्जन कानून 2013 के तहत ग्रामीणों को मुआवजा, रोजगार और घोषित लाभ नहीं मिला है।

गौरतलब है कि गांव में अभी तक जगमग योजना पूरी तरह लागू नहीं की गई है और ग्रामीण किसी भी सूरत में सामूहिक रूप से बिल अदायगी नहीं करेंगे।  सप्लाई ट्रांसफार्मरों पर कहीं भी बिजली चालू और बंद करने के मूलभूत स्विच और जर्जर तारे आज भी मुसीबत का कारण बने हुए हैं। ग्रामीण उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिजली के बिल गांव की सरपंच को विरोध स्वरूप सौंप दिए हैं। निगम द्वारा बिजली दरों के लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहे हैं। प्रदर्शनकारी कृष्ण शर्मा, राजेंद्र सिंह, समुंदर, नथुराम, जीतराम, पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान रामचंद्र, जितेंद्र राणा, विमला, संतरा, सुदेश, सुमन, नीलम आदि ने नारे लगाकर रोष प्रदर्शन किया। मांगे मंजूर न होने पर ग्रामीण बिजली घर पर तालाबंदी का फैसला लेंगे।

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