जहरीली हुई दिल्ली एनसीआर की आबोहवा, GRAP-3 लागू, स्कूलों में भी ऑनलाइन कक्षा लगाने के विकल्प

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 06 Nov, 2026 10:05 PM

grap 3 implement in delhi ncr to control pollution level

दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से लगातार पाबंदियों को बढ़ासया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को आयोग की तरफ से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान की तीसरी स्टेज को लागू कर दिया गया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो):  दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से लगातार पाबंदियों को बढ़ासया जा रहा है। इसके तहत शुक्रवार को आयोग की तरफ से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान की तीसरी स्टेज को लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने के साथ ही कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। आयोग के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 382 दर्ज किया गया है जो बेहद ही खराब श्रेणी में आता है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और भी अधिक खराब होने की संभावना है। ऐसे में आयोग की तरफ से पाबंदियों को और अधिक बढ़ाते हुए ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान की तीसरी स्टेज को लागू कर दिया गया है। वहीं, दिल्ली एनसीआर में वाहनों के संचालन को लेकर भी आदेश दिए गए हैं। एक तरफ जहां सरकारी व निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम देने के निर्देश दिए गए थे। वहीं, अब स्कूलों में भी ऑनलाइन कक्षाएं लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

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ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण के तहत धूल और प्रदूषण फैलाने वाले निर्माण एवं तोड़फोड़ के कार्यों पर सख्त रोक रहेगी। इसके साथ ही RMC प्लांट का संचालन बंद रहेगा। बेल्डिंग व गैस कटिंग के कार्यों, पेंटिंग, पॉलिशिंग, वार्निशिंग के कार्यों पर भी रोक रहेगी। धूल पैदा करने वाली निर्माण सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग बंद रहेगी। हालांकि घरों के अंदर होने वाले मरम्मत कार्यों और गड्ढे मरम्मत करने के कार्यों की अनुमति दी गई है।

 

वहीं, ग्रेप-3 में दिल्ली एनसीआर यानि दिल्ली सहित गुड़गांव, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, सोनीपत में बीएस-3 पेट्रोल व बीएस-4 डीजल वाहनों के संचालक पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से अनुकूलित और उनके व्यक्तिगत इस्तेमाल में आने वाले वाहनों को छूट दी गई है। वहीं, प्राइमरी तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड पर पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत स्कूलों में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से पढ़ाई कराई जा सकती है। ऑनलाइन या ऑफलाइन कक्षा चुनने का अधिकार छात्रों के अभिभावकों के पास होगा। वहीं, सरकारी कार्यालयों सहित निजी संस्थानों में 50 फीसदी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम देने के निर्देश दिए गए हैं। 

 

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन या कार पूलिंग को प्राथमिकता दें। छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करें। घरों में कोयले और लकड़ी से हीटिंग करने से बचें तथा खुले में कूड़ा या बायोमास न जलाएं।

 

 

 

 

 

 

 

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