1 दिसंबर से पंजाब-यूपी सहित 6 राज्यों में नहीं जाएगी हरियाणा रोडवेज की बसें

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Friday, November 17, 2017-3:38 PM

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): हरियाणा रोडवेज की छह राज्यों में अावागमन करने वाली दर्जनों बसों के पहिए जल्द थमने वाले हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू, हिमाचल प्रदेश व राजस्थान जाने वाली बसों का संचालन बंद करने की पूरी तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार पहली दिसंबर से 6 राज्यों में जाने वाली बसों का अावागमन बंद करने का सैद्घांतिक निर्णय हो चुका है। परिवहन मुख्यालय ने हर डिपो से छह राज्यों में जाने वाली बसों की पूरी सूची जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मौखिक तौर पर कुछ बसों का संचालन बंद करने के लिए भी कहा गया है। जिसके बाद रेवाड़ी, चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र व रोहतक डिपो की कुछ बसें बाहरी राज्यों में भेजना बंद कर दी गई हैं। रोडवेज की कर्मचारी यूनियनें इससे भड़क गई हैं और जल्द चक्का जाम की घोषणा की तैयारी में हैं। चूंकी, हरियाणा रोडवेज के हर डिपो से लगभग 25 फिसदी बसें दिल्ली व चंडीगढ़ सहित अाठ राज्यों में सेवाएं दे रही हैं। इनकी कमाई प्रति किलोमीटर 35 से 40 रुपए आ रही है, जबकि प्रति किलोमीटर खर्च 25 रुपए है। 

वित्तीय घाटे अौर कम सवारियां है कारण
रोडवेज बसों का दूसरे राज्यों में अावागमन बंद करने के पीछे कारण वित्तीय घाटे का बताया जा रहा है। परिवहन मुख्यालय के अांकलन के अनुसार अनेक रुट एेसे हैं, जिनकी बसों में स्टार्टिंग प्वाइंट से कुल सीटों का 25 प्रतिशत सवारियां भी बस में नहीं होती। इसके साथ ही रोडवेज के बढ़ते वित्तीय घाटे से भी सरकार चिंतित है। अभी रोडवेज छह सौ करोड़ से अधिक घाटे में है।

19 नवंबर को होगी आंदोलन की घोषणा
रोडवेज बसों का संचालन छह राज्यों में बंद करने की भनक लगते ही रोडवेज यूनियनें बिफर गई हैं। अाॅल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रधान हरिनारायण शर्मा, बलवान सिंह दोदवा व कर्मचारी नेता दलबीर किरमारा ने सरकार पर रोडवेज को बर्बाद करने का अारोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 19 नवंबर को पानीपत में रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें बड़े अांदोलन की घोषणा की जाएगी। परिवहन विभाग घाटे का बहाना बनाकर रोडवेज को बंद करना चाहता है। साथ ही लंबे रुट निजी बस अाॅप्रेटरों के हाथ में देने की साजिश रची जा रही है। इसे रोडवेज कर्मी सिरेे नहीं चढ़ने देंगे। सरकार बसे बंद करने के अंदरखाने लिए गए निर्णय तो तत्काल वापस ले।

एेसा प्रस्ताव जानकारी में नहींः पंवार
परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि छह राज्यों में बसों का संचालन बंद करने का प्रस्ताव उनके ध्यान में नहीं है।उनके पास अंतरराज्यीय परमिट है, जिन पर बसें चल रही हैं। वह शुक्रवार को पूरी जानकारी अधिकारियों से हासिल करेंगे।

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