स्टैनोग्राफर टैस्ट में नकल, वीडियो वायरल

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Saturday, April 15, 2017-9:14 AM

चंडीगढ़:डी.सी. व सी.टी.एम. ऑफिस की दो स्टैनो के लिए सीनियर स्केल स्टोनोग्राफर के लिए टैस्ट आयोजित किया गया। इसमें स्टैनो टाइपिस्ट की परीक्षा का वीडियो बनाया गया है। इसमें साफ देखा जा सकता है कि टेस्ट के दौरान उसने कंप्यूटर के नीचे लैपटॉप रखा है। इसमें हिंदी की टाइपिंग के लिए कॉपी की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले की जानकारी जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब यह मामला तूल पकडऩे से जांच होना तय है। अगर ईमानदारी से जांच होती है तो इसकी गाज भी कई लोगों पर गिरेगी।
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डी.सी. ऑफिस में 6 मार्च को सीनियर स्केल स्टोनोग्राफर पोस्ट पर प्रमोशन के लिए टेस्ट हुआ था। इस टैस्ट का रिजल्ट चाहे जो भी हो, लेकिन इसमें नकल का वीडियो वायरल हो गया। इस मामले पर शिक्षामंत्री ने कहा कि स्टैनोग्राफी टेस्ट में नकल नहीं हो सकती और अगर ऐसा कोई मामला सामने आएगा तो कार्रवाई की जाएगी। इस टेस्ट को पास करने के बाद पद के साथ वेतन का फायदा मिलना था। अंबाला-पंचकूला कमिश्नर के निर्देश पर जिला प्रशासन की ओर से टेस्ट के सुपरविजन के लिए सिटी मजिस्ट्रेट, डी.आर.ओ. सहित तीन अधिकारियों की ड्यूटी लगाई थी। टेस्ट के दौरान बनाए वीडियो में टाइपिस्ट कंप्यूटर के साथ लैपटॉप से ले मदद ले रही हैं। सीनियर स्केल स्टैनोग्राफर के टेस्ट के दौरन बनाए वीडियो के बारे में जिला प्रशासन के तमाम अधिकारियों को जानकारी है। 
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ऐसे में यह सवाल उठता है कि मौके पर टेस्ट की सुपरविजन करने वाले अधिकारियों द्वारा या तो उक्त स्टैनो टाइपिस्ट की मदद की जा रही थी या उनकी लापरवाही से स्टैनो टाइपिस्ट एक नहीं, बल्कि कंप्यूटर सिस्टम की मदद ली जा रही थी जिसे मौोके पर मौजूद अधिकारी पकड़ नहीं सके। शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्टैनोग्राफी टेस्ट में नकल नहीं हो सकती और अगर ऐसा कोई मामला सामने आएगा तो इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में सी.टी.एम. पंचकूला का कहना है कि यह टेस्ट लिया जाना था, लेकिन हाईकोर्ट जाने के चलते वह टेस्ट में नहीं जा सकी। उन्होंने कहा कि पेपर भी उन्होंने सेट किया था, लेकिन पेपर के समय वहां नहीं थी। 

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