प्रदेश में बढ़ रहा घरेलू कलह का ग्राफ

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Wednesday, August 23, 2017-9:54 AM

फतेहाबाद (गौतम तारीफ):नारी सशक्तिकरण को पूरा करने के सपनों पर प्रदेश सरकार के आंकड़े ही पानी फेर रहे हैं। आलम यह है कि प्रदेश में घरेलू कलह का ग्राफ दिन-ब-दिन चढ़ता जा रहा है। जनवरी से जुलाई 2017 तक प्रदेशभर में शादीशुदा महिला उत्पीड़न के कुल 4 हजार 874 मामले दर्ज किए गए। इसका खुलासा नैशनल क्राइम ब्यूरो ऑफ इंडिया से मिले आंकड़ों से हुआ। सरकार दावा कर रही है कि घरों में महिलाओं की स्थिति मजबूत हो रही है, परंतु उन पर अत्याचार के मामले सरकार के दावों को आईना दिखाने के लिए काफी है। पत्नियों को प्रताडि़त करने के मामले जींद में अव्वल है तो सी.एम. सिटी करनाल भी चौथे पायदान पर है। वहीं, पूर्व सी.एम. हुड्डा के जिले में भी उत्पीड़न रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि पानीपत में महिलाओं की स्थिति फिलहाल ठीक है। पिछले 10 वर्षों में देशभर में पति या परिजनों की ओर से महिलाओं को उत्पीड़न करने के 9,09,713 केस दर्ज हुए। यानी हर घंटे में 10 मामले।

महिला उत्पीड़ऩ में जींद टॉप पर 
यदि आंकड़े देखें तो विवाहित महिलाओं के उत्पीड़ऩ में जींद अव्वल है। 7 महीनों में जींद में 720 महिला उत्पीडऩ के मामले दर्ज हुए। ये वे महिलाएं थीं, जिन्होंने अपने परिजनों के खिलाफ शिकायतें दर्ज करवाई। जबकि कई महिलाएं लोकलाज के चलते सामने आने से डरती हैं और यातनाएं सहन करती हैं।

सी.एम. सिटी भी पीछे नहीं
अगर बात की जाए सी.एम. सिटी करनाल की तो वहां भी विवाहिताओं ने थाने में अत्याचार की शिकायतें दर्ज करवाई है। महिला उत्पीड़ऩ के मामले में करनाल टॉप फाइव में शुमार है। वुमन सैल में हर माह औसतन 42 महिलाएं पति या रिश्तेदारों के खिलाफ उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवा रही हैं। 

जिला      दर्ज मामले 
अम्बाला     250
भिवानी      212
फरीदाबाद   248
गुडग़ांव     184
फतेहाबाद  136
हिसार       418
झज्जर     115
जींद         720
करनाल     296
कैथल       167
कुरुक्षेत्र     115
मेवात      166
पलवल     205
पानीपत   102
रेवाड़ी       112
रोहतक      254
सिरसा       235
सोनीपत     282
यमुनानगर  257
पंचकूला      220
महेंद्रगढ़      140
 

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