Edited By Isha, Updated: 02 Oct, 2026 07:41 PM

रेवाड़ी से अलवर जा रही सवारी गाड़ी संख्या 19404 में आरपीएफ टास्क टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की सूचना पर एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। बाद में अलवर पहुंची दिल्ली पुलिस की एसटीएफ टीम ने पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
रेवाड़ी(महेन्द्र भारती): रेवाड़ी से अलवर जा रही सवारी गाड़ी संख्या 19404 में आरपीएफ टास्क टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों की सूचना पर एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। बाद में अलवर पहुंची दिल्ली पुलिस की एसटीएफ टीम ने पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
जानकारी के अनुसार, 30 सितंबर को शाम करीब 6 बजे वरिष्ठ अधिकारियों ने आरपीएफ टास्क टीम को संदिग्ध व्यक्ति का फोटो, नाम-पता और अन्य विवरण भेजकर उसके ट्रेन में सवार होने की संभावना जताई थी। सूचना मिलने पर आरपीएफ रेवाड़ी की टास्क टीम के एसआई अशोक कुमार और कांस्टेबल संजय ट्रेन में सवार हुए और संदिग्ध की तलाश शुरू की।
रेवाड़ी से अलवर के बीच कोच संख्या एस-3 की सीट नंबर 23 पर एक व्यक्ति मिला। फोटो से मिलान करने पर उसकी पहचान संदिग्ध के रूप में हुई। अधिकारियों के निर्देश पर उसे अलवर रेलवे स्टेशन पर उतारा गया और आरपीएफ थाना अलवर लाया गया।
इसके बाद दिल्ली पुलिस एसटीएफ, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के इंस्पेक्टर आशीष दुबे से संपर्क किया गया। एसटीएफ ने बताया कि व्यक्ति के खिलाफ दिल्ली के रूप नगर थाने में मुकदमा संख्या 162/2026 के तहत बीएनएस की धारा 308(4) और 351(4) में मामला दर्ज है और वह मामले में मुख्य आरोपी है। इसके बाद दिल्ली एसटीएफ की टीम को अलवर भेजा गया।
रात करीब 2 बजे एसआई हर्षित पैरवा के नेतृत्व में दिल्ली एसटीएफ की टीम आरपीएफ थाना अलवर पहुंची। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने खुद को गोल्डी बराड़ गिरोह का शूटर/सदस्य बताते हुए अवैध फिरौती और चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात कही। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बाद नियमानुसार उसकी तलाशी ली गई, जिसमें एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल को दिल्ली पुलिस ने जब्त कर लिया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दिल्ली एसटीएफ ने व्यक्ति को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।