बैंकर्स और सरकार के बीच वार्ता ने टाल दी तीन दिन की हड़ताल

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 28 Sep, 2026 02:40 PM

three days strike of bankers postponed due to meeting between union and govt

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर होने वाली सरकारी बैंकों की हड़ताल टल गई है। बैंक यूनियनो और सरकार के बीच हो रही वार्ता के बाद इस हड़ताल को टाल दिया गया है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर होने वाली सरकारी बैंकों की हड़ताल टल गई है। बैंक यूनियनो और सरकार के बीच हो रही वार्ता के बाद इस हड़ताल को टाल दिया गया है। हालांकि अक्टूबर माह के अंत में होने वाली हड़ताल को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। 28 से 30 सितंबर तक होने वाली हड़ताल टलने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि बैंकर्स की हड़ताल के कारण लोगो को परेशानी न हो इसके लिए आरबीआई की तरफ से रविवार को भी बैंकों को खोला गया था। इसके साथ ही सरकार के साथ चली आ रही वार्ता के बाद बैंक यूनियन ने अपनी इस तीन दिन की हड़ताल को टाल दिया है। 

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बैंक कर्मचारियें ने बताया कि बैंकर्स सप्ताह में पांच कार्य दिवस किए जाने सहित पीएलआई (परफोरमेंस लिंक इंसेटिव) में असमानता सहित अन्य मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब काम की बारी आती है तो सभी अधिकारियों और सरकार को निचले स्तर के कर्मचारी याद आ जाते हैं। उस वक्त कर्मचारियों को बैंक की रीढ़ कहा जाता है, लेकिन जब पीएलआई का लाभ देना होता है कि इन्हीं निचले स्तर के कर्मचारियों को दरकिनार कर दिया जाता है। 

 

बैंकर्स का कहना है कि 8 मार्च 2024 को आईपीए के साथ एग्रीमेंट होने के बाद भी आज तक इन मांगों को लागू नहीं किया गया है। पीएलआई को लेकर तय हुआ था कि जो भी बैंक अच्छी परफोरमेंस देगा उसे 15 दिन का इंसेटिव दिया जाएगा, लेकिन सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया। यह सरकार की दोगली नीति है ताकि बैंकर्स आपस में बट जाएं। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर फर्क पड़ेगा। इन मांगों को लेकर सरकार को चेतावनी देने के लिए ही आज से तीन दिन की हड़ताल की जानी थी, लेकिन सरकार से वार्ता शुरू होने के कारण इस हड़ताल को टाल दिया गया है। 

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