12 मांगें मानीं फिर भी हड़ताल? सरकार ने 23 फायर कर्मचारियों की नौकरी खत्म, HKRN कर्मियों पर भी गिरी गाज

Edited By Isha, Updated: 04 Sep, 2026 06:08 PM

the government has terminated the jobs of 23 firefighters

हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय ने हड़ताल में शामिल 23 फायर कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल

चंडीगढ़(चंद्र शेखर धरणी ): हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा निदेशालय ने हड़ताल में शामिल 23 फायर कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इनमें 13 कर्मचारी पालिका रोल पर कार्यरत थे, जबकि 10 कर्मचारी हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से दमकल केंद्रों पर तैनात थे। विभाग ने 3 सितंबर को अलग-अलग आदेश जारी कर यह कार्रवाई की।

सरकार ने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आधार 6 अगस्त से बिना अनुमति लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहना और हड़ताल में शामिल होना बताया है। विभाग ने अग्निशमन सेवा को अत्यंत आवश्यक सेवा बताते हुए कर्मचारियों के इस रवैये को गंभीर अनुशासनहीनता माना है।

पालिका रोल के 13 कर्मचारी सेवा से बाहर
सेवा समाप्त किए गए पालिका रोल के कर्मचारियों में बहादुरगढ़ दमकल केंद्र से सतीश कुमार और राजेश कुमार, नरवाना से सत्यवान, धारूहेड़ा से नरेंद्र सिंह, आईएमटी बावल से सुरेश कुमार, सिरसा से राजेश कुमार, हिसार से प्रदीप कुमार, पानीपत से रणबीर, रोहतक से सोनू, कुरुक्षेत्र से कुलविंद्र सिंह, करनाल से महावीर, जगाधरी से रिंकू कुमार तथा फरीदाबाद सेक्टर-15 दमकल केंद्र से रणजीत शामिल हैं। इन सभी के संबंध में 3 सितंबर को अलग-अलग सेवा समाप्ति आदेश जारी किए गए।

एचकेआरएन के 10 कर्मचारियों पर भी गिरी गाज
सरकार की कार्रवाई एचकेआरएन के माध्यम से दमकल केंद्रों पर लगाए गए कर्मचारियों तक भी पहुंची है। इनमें गुरुग्राम के उद्योग विहार से बलविंद्र, यमुनानगर से अभिषेक और कमल कांबोज, पिंजौर से सुरेंद्र, हांसी से दीपक, करनाल से नरेश कुमार और प्रवीण कुमार, कैथल से जोनी तथा गुरुग्राम सेक्टर-29 से जितेंद्र और सेक्टर-37 से गौरव ठाकरान शामिल हैं।

हड़ताल, गैरहाजिरी और काम में बाधा का आरोप
विभागीय आदेशों में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी 6 अगस्त से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित हैं। उन पर हड़ताल में शामिल होने के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों को भी आंदोलन में शामिल होने के लिए प्रेरित करने और विभागीय कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाए गए हैं। विभाग ने अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022 की धारा 51 का हवाला देते हुए कहा है कि सरकार की पूर्व अनुमति के बिना यूनियन गतिविधियों में भाग लेना नियमों के विरुद्ध है। इन्हीं आधारों पर कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया गया।

13 में से 12 मांगों पर सहमति, नियमितीकरण बना गतिरोध
सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच विवाद की मुख्य वजह नियमितीकरण की मांग बनी हुई है। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं, लेकिन नियमितीकरण को लेकर तकनीकी और कानूनी अड़चनें हैं। सरकार की ओर से इसके विकल्प के तौर पर कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा देने और वेतन में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। कर्मचारी संगठन इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं और नियमितीकरण की मांग पर कायम हैं।

6 सितंबर तक हड़ताल का ऐलान
कर्मचारी संगठनों ने 6 अगस्त से शुरू आंदोलन को फिलहाल जारी रखने का फैसला किया है। संगठनों की ओर से हड़ताल 6 सितंबर तक चलाने का ऐलान किया गया है। ऐसे में 23 फायर कर्मचारियों की सेवा समाप्ति के बाद आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।

कार्रवाई से टकराव बढ़ने के आसार
23 फायर कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करना सरकार की ओर से आंदोलन के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। खास बात यह है कि कार्रवाई का दायरा केवल पालिका रोल के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एचकेआरएन के जरिए नियुक्त कर्मचारियों को भी इसका सामना करना पड़ा है। एक तरफ सरकार 12 मांगें स्वीकार किए जाने और नियमितीकरण में कानूनी अड़चनों का हवाला दे रही है, वहीं कर्मचारी नियमितीकरण से कम किसी विकल्प पर तैयार नहीं दिख रहे। ऐसे में 6 सितंबर तक जारी रहने वाली हड़ताल के बीच सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!