हरियाणा में प्रतिभा की कमी नहीं, युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी स्किल गैप रिपोर्ट : मुख्यमंत्री

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 01 Oct, 2026 09:16 PM

skill gap report will play crucial role in guiding the youth in right direction

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि हरियाणा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल इस प्रतिभा को सही दिशा देने की है और आज जारी की गई हरियाणा स्टेट स्किल गैप स्टडी तथा प्रत्येक जिले की स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका...

गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि हरियाणा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल इस प्रतिभा को सही दिशा देने की है और आज जारी की गई हरियाणा स्टेट स्किल गैप स्टडी तथा प्रत्येक जिले की स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के केंद्र में प्रदेश के युवाओं का भविष्य है और इसमें उद्योगों की जरूरत, प्रत्येक जिले की प्रतिभा एवं क्षमता तथा युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर देने का आकलन किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं के टैलेंट, साहस, परिश्रम और मेहनत ने प्रदेश की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है। ऐसे में यह रिपोर्ट युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा देने और उन्हें उद्योग की जरूरत के अनुरूप कौशल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

गुरुग्राम की ताजा खबरों के लिए लिंक  https://www.facebook.com/KesariGurugram  पर क्लिक करें।

 

मुख्यमंत्री वीरवार को गुरुग्राम के सेक्टर 51 स्थित गुरुग्राम विश्वविद्यालय में हरियाणा राज्य कौशल अंतराल अध्ययन तथा 23 जिला कौशल अंतराल रिपोर्टों के विमोचन कार्यक्रम को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में हरियाणा के युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम बतौर विशिष्ठ अतिथि, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट के महानिदेशक डॉ राज नेहरू मौजूद रहे।

 

निवेशकों की जरूरत के अनुरूप कुशल युवा तैयार कर रहा हरियाणा प्रदेश : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज देश-दुनिया के निवेशक हरियाणा में निवेश के लिए इच्छुक हैं और प्रदेश में लगातार नई-नई इंडस्ट्री स्थापित हो रही हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि निवेशकों और उद्योगों की बदलती जरूरत के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को कुशल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा योजना, स्किल डेवलपमेंट और मेक इन इंडिया जैसे प्रयासों को गति दी है, वहीं हरियाणा ने भी औद्योगिकीकरण की दिशा में तेजी से प्रगति की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेमीकंडक्टर, ऑटोमोबाइल, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और ईवी जैसे क्षेत्रों में तेजी से बदलाव हो रहा है, इसलिए युवाओं को नई तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करना जरूरी है। इसी दिशा में आईटीआई और पॉलिटेक्निक को उद्योगों से जोड़कर उनकी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण, थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक को शामिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्किल गैप स्टडी रिपोर्ट उद्योगों की जरूरत और युवाओं के कौशल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेगी, जिससे निवेशकों को आवश्यक कुशल मानव संसाधन और प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

 

उद्योगों की स्किल जरूरतों को आईटीआई-पॉलिटेक्निक से जोड़ने के लिए बनेगा पोर्टल

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला-वार स्किल गैप रिपोर्ट हर जिले की औद्योगिक क्षमता और रोजगार संभावनाओं के अनुरूप युवाओं के लिए उपयुक्त कौशल विषयों की योजना बनाने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट का अध्ययन आईटीआई, पॉलिटेक्निकल संस्थानों और उद्योगों के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ मिलकर किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि एक ऐसा पोर्टल बनाया जाए, जिस पर प्रत्येक उद्योग को किस प्रकार के और कितने कुशल युवाओं की आवश्यकता है, इसकी जानकारी उपलब्ध हो तथा इस पोर्टल को सभी आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ लिंक किया जाए। इससे नई-नई इंडस्ट्री की मांग का पता चलेगा और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। 

 

बदलती तकनीक के साथ कौशल विकास की गति बनाए रखना जरूरी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय बहुत तेजी से बदल रहा है और उसी गति से कौशल विकास के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और पंचकूला में एआई हब बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है तथा नई तकनीक के अनुरूप युवाओं को तैयार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल डिग्री ही योग्यता का आधार नहीं है, बल्कि जिसके पास कौशल है, उसे भी आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए और ऐसे युवाओं के लिए शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट जैसे अवसर उपयोगी हैं। मुख्यमंत्री ने आईटीआई, पॉलिटेक्निक, विश्वविद्यालयों, कौशल विश्वविद्यालय और उद्योगों के प्रमुख प्रतिनिधियों को एक साथ बुलाकर स्किल गैप रिपोर्ट पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लिथियम, सोलर और ईवी जैसे नए क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलाव को देखते हुए उसी गति से आवश्यक कौशल तैयार करना होगा, ताकि हरियाणा का युवा बदलती तकनीक और रोजगार के अवसरों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ सके।

 

स्किल गैप स्टडी हरियाणा के युवाओं की आकांक्षाओं को दिशा देने का माध्यम : गौरव गौतम

युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि आज का दिन हरियाणा प्रदेश के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यह स्किल गैप स्टडी उन युवाओं की आकांक्षाओं, प्रतिभा और भविष्य की दिशा को समझने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जो अपनी प्रतिभा के साथ प्रदेश की विकास धारा में आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश या प्रदेश की तरक्की के लिए उसका युवा स्किल्ड होना जरूरी है और आज प्रस्तुत की गई जिला-वार रिपोर्ट युवाओं के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बनेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में युवाओं को एआई, रोबोटिक्स, सोलर सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाने और शिक्षा से रोजगार तक जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट केवल कागज और दस्तावेज बनकर नहीं रहेगी, बल्कि सरकार, उद्योग और स्किल को जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने का आधार बनेगी।

 

गौरव गौतम ने कहा कि रिपोर्ट में युवाओं की बदलती आकांक्षाएं भी सामने आई हैं और बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी के बजाय अपनी प्रतिभा, मेहनत और क्षमता के आधार पर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आगे इस अध्ययन के सैंपल को और बढ़ाकर समय-समय पर युवाओं और उद्योग जगत से संवाद करते हुए उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे, ताकि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप हरियाणा के युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्योग के अवसरों से जोड़ा जा सके।

 

उद्योगों की जरूरत, युवाओं की आकांक्षाओं और रोजगार अवसरों के बीच बनेगा बेहतर तालमेल : डॉ. राज नेहरू

इस अवसर पर डॉ. राज नेहरू ने कहा कि हरियाणा उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद नवीनतम राज्य स्तरीय कौशल अंतराल अध्ययन रिपोर्ट जारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी उद्योग के लिए नई जगह पर निवेश करते समय सबसे बड़ी चुनौती केवल तकनीक या पूंजी की उपलब्धता नहीं होती, बल्कि यह होती है कि जिस राज्य में वह निवेश कर रहा है, वहां उसे अपनी जरूरत के अनुरूप कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा या नहीं। इसी उद्देश्य से इस अध्ययन के माध्यम से यह समझने का प्रयास किया गया है कि हरियाणा के युवाओं की आकांक्षाओं को प्रदेश में उपलब्ध और भविष्य में विकसित होने वाले रोजगार अवसरों से किस प्रकार जोड़ा जा सकता है। 

 

कार्यक्रम में स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ फिस्कल मैनेजमेंट के सलाहकार प्रोफेसर आर एस राठौड़, हरियाणा स्किल डेवलपमेंट मिशन के प्रबंध निदेशक डॉ राजेश गोयल, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के वीसी प्रोफेसर संजय कौशिक, सुपवा विश्वविद्यालय के वीसी डॉ अमित आर्य, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली सहित अन्य विश्वविद्यालय के वीसी एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!