Edited By Isha, Updated: 25 Sep, 2026 10:48 AM

हरियाणा सरकार ने राज्य में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन और सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति में संशोधन करते हुए
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में आधुनिक सार्वजनिक परिवहन और सुनियोजित शहरी विकास को गति देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति में संशोधन करते हुए दिल्ली-पानीपत-करनाल और गुरुग्राम-बावल 'नमो भारत' (RRTS) कॉरिडोर को इसके दायरे में शामिल कर लिया है। आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी होने के बाद इस नए एलाइनमेंट को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस नई संशोधन सूची के तहत दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को पहली बार टीओडी नीति का हिस्सा बनाया गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर कुंडली, सोनीपत, गन्नौर और पानीपत होते हुए करनाल तक पहुंचेगा। इस हाई-स्पीड रेल सेवा के शुरू होने से राष्ट्रीय राजधानी से करनाल तक का सफर घटकर केवल लगभग 90 मिनट रह जाएगा, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की सिफारिश पर सरकार ने पूर्व के रूट में फेरबदल किया है। इसके तहत पुराने 'सराय काले खां-गुरुग्राम-शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़' कॉरिडोर के संरेखण को संशोधित करके अब इसे 'सराय काले खां-गुरुग्राम-बावल' नमो भारत कॉरिडोर के रूप में दर्ज किया गया है।
क्या है टीओडी (TOD) नीति का उद्देश्य?
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति का मुख्य उद्देश्य परिवहन स्टेशनों (ट्रांसपोर्ट नोड्स) के आस-पास के क्षेत्रों का इस तरह विकास करना है कि आम जनता को आवास, कार्यालय और बाजार जैसी सभी जरूरी सुविधाएं एक ही क्षेत्र के नजदीक मिल सकें। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम होता है और शहरों के अनियोजित फैलाव को रोककर व्यवस्थित व हरित शहरीकरण को बढ़ावा मिलता है। इस नीतिगत फैसले से सोनीपत, पानीपत, करनाल और गुरुग्राम-बावल क्षेत्र में रियल एस्टेट और आर्थिक गतिविधियों को तीव्र गति मिलने की