एक्शन में हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम, 10 खेल नर्सरियों को बंद करने के आदेश

Edited By Manisha rana, Updated: 12 Jun, 2026 08:28 PM

haryana sports minister gaurav gautam in action

हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम प्रदेश में खेल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पारदर्शिता लाने के लिए पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में नजर आ रहे हैं। खेल मंत्री ने प्रदेश की खेल नर्सरियों में चल रही अनियमितताओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए बड़ा प्रशासनिक...

चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा के खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम प्रदेश में खेल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पारदर्शिता लाने के लिए पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में नजर आ रहे हैं। खेल मंत्री ने प्रदेश की खेल नर्सरियों में चल रही अनियमितताओं पर कड़ा संज्ञान लेते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। इसके तहत नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही 10 खेल नर्सरियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट के बाद खेल मंत्री की बड़ी कार्रवाई

गत दिनों खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने खेल विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वे प्रदेश भर में चल रही सभी राजकीय स्कूलों और पंचायत के अंतर्गत आने वाली खेल नर्सरियों की एक विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करें। विभाग द्वारा सौंपी गई जमीनी हकीकत की रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन करने के बाद खेल मंत्री ने यह कड़ी कार्रवाई की है। बंद की गई खेल नर्सरियों में मुख्य रूप से चार जिलों मेवात, यमुनानगर, हिसार और भिवानी की नर्सरियां शामिल हैं।

जांच में मिलीं गंभीर खामियां

मंत्री ने बताया कि खेल विभाग के अनुसार नंहू के राजकीय माडल संस्कृति स्कूल की 3, यमुनानगर के शहीद परमिंद्र सिंह राजकी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, तेजली में साइक्लिंग की 1, हिसार के राजकीय गल्र्स, सीनियर सेकेंडरी स्कूल (आर्य नगर ग्राम पंतायत) की बाक्सिंग की 1, हिसार के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल (गंगवा) की फुटबाल की 2, हिसार के मसूदपुर पंचायत में फुटबाल की 2 और भिवानी के जीएमएसएसएस की बाक्सिंग व वालीबाल की 1-1 नर्सरी को बंद किया गया है। 

उन्होंने बताया कि विभागीय जांच और ग्राउंड रिपोर्ट में खेल नर्सरियों के संचालन में कई गंभीर कमियां और अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें प्रमुख रूप से खेल उपकरणों का अभाव, खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए आवश्यक आधुनिक और बुनियादी खेल सामग्री उपलब्ध नहीं थी, खेल के मैदानों का रख-रखाव बेहद खराब था, जिससे खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना हुआ था, रिकॉर्ड में दर्ज खिलाड़ियों की संख्या और मैदान पर उपस्थित खिलाड़ियों की वास्तविक संख्या में भारी विसंगतियां  पाई गईं।

अन्य खेल नर्सरियों की भी होगी गहनता से जांच

खेल मंत्री ने कहा कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकने वाली है। प्रदेश में चल रही अन्य सभी खेल नर्सरियों की भी गहनता से जांच  करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के भविष्य और उनके खेल के स्तर से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी भी अन्य खेल नर्सरी के संचालन में जरा सी भी खामी या लापरवाही पाई गई, तो उसे भी बिना किसी देरी के तुरंत बंद कर दिया जाएगा।

लापरवाह अधिकारियों और कोचों को चेतावनी

खेल मंत्री ने न केवल खेल नर्सरियों के संचालकों पर नकेल कसी है, बल्कि विभागीय अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया है। उन्होंने खेल उपनिदेशकों  और कोचों को चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में खेल नर्सरियों के आवंटन  और उनके नियमित निरीक्षण  में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कोच अपनी ड्यूटी में लापरवाह पाया गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक और विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

मिशन 'ओलंपिक 2036' में  36 पदकों का लक्ष्य

खेल मंत्री गौरव गौतम ने प्रदेश सरकार के विज़न के बारे में कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं, बुनियादी ढांचा और सही माहौल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अभी से "ओलंपिक 2036" की तैयारियों में जुट गई है। सरकार का संकल्प है कि भारत जब ओलंपिक 2036 की मेजबानी के सपने देख रहा है, तब हरियाणा के खिलाड़ी देश की झोली में कम से कम 36 पदक डाल सकें। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जमीनी स्तर पर खेल नर्सरियों को पारदर्शी और विश्वस्तरीय बनाना बेहद जरूरी है।

 

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