हरियाणा में बिजली निगम का ALM 2 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू, ट्रे फार्म के बिजली कनैक्शन के लिए मांगी थी 7 लाख रिश्वत

Edited By Harman, Updated: 20 Sep, 2026 10:42 AM

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हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी लगातार शिकंजा कस रही है। गांव दिपालपुर में टीम ने ए.एल.एम. ने 2 लाख घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गांव दिपालपुर में ट्रे फार्म के लिए बिजली कनैक्शन जारी करने के एवज में सात लाख की मांग की थी।

सोनीपत (सुशील मोर) : सोनीपत में रिश्वतखोरी के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। बिजली निगम के तहत कार्यरत एएलएम प्रेम को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि गांव दिपालपुर में ट्रे फार्म के लिए बिजली कनेक्शन जारी करने के एवज में सात लाख की मांग की थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पहले ही 5 लाख रुपये लिए जा चुके थे और बाकी काम करवाने के लिए दो लाख रुपये की दोबारा मांग की गई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी सोनीपत यूनिट ने ट्रैप लगाया और आरोपी को रिश्वत की रकम लेते पकड़ लिया।देखिए ये रिपोर्ट 

मामला गांव दीपालपुर निवासी एक युवक की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, मीटर कनेक्शन और बिजली का खंभा लगाने के नाम पर कुल 7 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि पांच लाख रुपये पहले ही लिए जा चुके थे।बताया जा रहा है कि बाकी काम करवाने के लिए आरोपी पक्ष की ओर से दो लाख रुपये की दोबारा मांग की गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो से संपर्क किया। शिकायत की पुष्टि के बाद एसीपी सोनीपत यूनिट ने ट्रैप की कार्रवाई की और प्रेम को दो लाख रुपये लेते रंगे हाथ दबोच लिया। इस मामले में यूएचबीवीएन बहालगढ़ के एक क्लर्क और एक अन्य कर्मचारी की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। 

 वहीं,मामले की जानकारी देते हुए एसीबी डीएसपी राहुल देव ने बताया कि गांव दीपालपुर निवासी एक युवक ने शिकायत दी थी कि उसने अपने खेत में बिजली का मीटर और पोल लगवाने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि बिजली निगम में तैनात एएलएम प्रेम ने काम करवाने के एवज में उससे 7 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है और पीड़ित ने बताया कि 5 लाख रुपये बिजली विभाग के कर्मचारी पहले ही ले चुके हैं। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। एसीबी की कार्रवाई के बाद अब आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस 5 दिन के रिमांड की मांग करेगी। जांच में यह भी साफ होगा कि रिश्वत के इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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