Edited By Krishan Rana, Updated: 04 Sep, 2026 01:41 PM

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 8 लाख रुपये में नवजात बच्चे को खरीदने के
चंडीगढ़: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 8 लाख रुपये में नवजात बच्चे को खरीदने के आरोपी व्यक्ति को बच्चे की कस्टडी (हिरासत) देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मानव तस्करी और अवैध खरीद-फरोख्त जैसे गंभीर मामलों के बीच आरोपी को बच्चे की कस्टडी देना न्यायसंगत नहीं होगा।
मिली जानकारी के अनुसार याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि उसने बच्चे को उसके जैविक माता-पिता से विधिवत गोद लिया था और वह लंबे समय से पत्नी के साथ मिलकर उसकी देखभाल कर रहा था। वहीं, पुलिस जांच में उस पर बच्चे को कथित तौर पर 8 लाख रुपये में खरीदने का गंभीर आरोप सामने आया।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि जिस व्यक्ति पर बच्चे की खरीद-फरोख्त में शामिल होने का आरोप हो, उसी को बच्चे की कस्टडी देना न्याय का मजाक बनाने जैसा होगा। बहादुरगढ़ निवासी याचिकाकर्ता ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर नवजात की कस्टडी मांगी थी। याचिका के अनुसार बच्चा दिसंबर 2025 में याचिकाकर्ता और उसकी पत्नी के पास आया था।
दंपती का दावा था कि बच्चे के जैविक माता-पिता ने नोटरीकृत गोदनामा तैयार कर उसे उन्हें सौंपा था। इसके बाद जनवरी 2026 में जारी जन्म प्रमाणपत्र में भी याचिकाकर्ता और उसकी पत्नी को बच्चे के माता-पिता के रूप में दर्ज किया गया।
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