Edited By Krishan Rana, Updated: 29 Sep, 2026 09:08 PM
NIT फरीदाबाद के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने गांव सीही में 27 सितंबर की रात खुले पड़े नगर निगम के बोरवेल में गिरने
फरीदाबाद (अनिल राठी) : NIT फरीदाबाद के पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने गांव सीही में 27 सितंबर की रात खुले पड़े नगर निगम के बोरवेल में गिरने से तीन-चार वर्षीय मासूम बच्ची की हुई दर्दनाक मृत्यु पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर बच्ची के पिता रामदीन से मुलाकात करते हुए पूर्व विधायक ने अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं और इस दुखद घटना को सीधे तौर पर नगर निगम व स्थानीय प्रशासन की अक्षम्य लापरवाही करार दिया।
नीरज शर्मा ने कहा कि यह घटना कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि प्रशासनिक घोर लापरवाही का एक भयानक नतीजा है। जिस बोरवेल में गिरकर नन्हीं मासूम की जान गई, वह कोई एक या दो दिन से नहीं बल्कि पिछले छह-सात सालों से बिना किसी सुरक्षा ढक्कन के खुला पड़ा हुआ था।
इसके बावजूद नगर निगम या संबंधित विभाग के अधिकारियों ने इसे बंद करने या ढकने की कोई जहमत नहीं उठाई। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि सरकार ने सीवरेज, पानी और बोरवेल जैसी तमाम मूलभूत नागरिक सुविधाओं को ठेके पर दे दिया है और अधिकारी अपनी नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारियों से पूरी तरह से भाग रहे हैं।
पूर्व विधायक ने शासन और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जिस दिन से यह बोरवेल खुला पड़ा था, तब से लेकर आज तक इस क्षेत्र में कार्यरत रहे संबंधित जेई, एसडीओ, एक्सएन तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पीड़ित परिवार और उस मासूम आत्मा को सच्चा न्याय नहीं मिल पाएगा। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि पीड़ित प्रवासी मजदूर परिवार को सरकार की ओर से तत्काल प्रभाव से उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।
उन्होंने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि पीड़ित पिता दिन-रात मेहनत-मझदूरी और बेलदारी करके अपने परिवार का पेट पाल रहा था, लेकिन कांग्रेस शासन के समय बनाए गए बीओसीडब्ल्यू (भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार) कल्याण बोर्ड के तहत आज तक उसका कार्ड तक नहीं बनाया गया।
यदि सरकार की योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू होतीं तो इस गरीब परिवार को ईएसआई, मेडिकल या अन्य सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकता था, लेकिन यह सरकार गरीबों और प्रवासियों के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन बनी हुई है।
नीरज शर्मा ने स्थानीय नेताओं और मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सीही और तिलपत जैसे पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व वाले गांवों को मंत्रियों ने गोद ले रखा है, लेकिन इसके बावजूद इन गांवों की स्थिति अत्यंत नारकीय और दयनीय बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि जिस फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपुल गोयल स्वयं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री हैं, वहां के प्रशासनिक विभाग की लापरवाही से इतनी बड़ी त्रासदी घट जाती है और मंत्री व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के पास पीड़ित परिवार का आंसू पोंछने तक का समय नहीं है।
विपुल गोयल को इस पूरी घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय झोपड़ियों और कॉलोनियों में घूम-घूमकर वोट मांगने वाले नेता आज इस कठिन समय में गायब हैं। पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हो जाती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे इस आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे। इस मौके पर पूर्व पार्षद दयाशंकर गिरी, पूर्व पार्षद दीपक चौधरी, स्थानीय पार्षद के बेटे गोल्डी बरेजा उपस्थित रहे।
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