फिजियोथैरेपी काउंसिल पर शोध करने वाले पहले भारतीय बने डॉ आर के मुदगिल

Edited By Gourav Chouhan, Updated: 27 Sep, 2022 12:37 AM

dr rk moudgil became the first indian to do research on physiotherapy council

हरियाणा चार्टर्ड एसोसिएशन आफ फिजियोथैरेपिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश के जाने-माने फिजियोथैरेपी चिकित्सक डॉ आर के मुदगिल पहले ऐसे भारतीय फिजियोथैरेपी चिकित्सक हैं।

चंडीगढ़(चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा चार्टर्ड एसोसिएशन आफ फिजियोथैरेपिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश के जाने-माने फिजियोथैरेपी चिकित्सक डॉ आर के मुदगिल पहले ऐसे भारतीय फिजियोथैरेपी चिकित्सक हैं जिन्होंने फिजियोथैरेपी काउंसिल " एस्टेब्लिशमेंट ऑफ फिजियोथैरेपी काउंसिल इन इंडिया रेट्रोस्पेक्ट एंड प्रोस्पेक्ट" विषय पर अपनी डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी डिग्री का शोध कार्य संपन्न किया।

डॉक्टर आरके मुदगिल ने बताया कि उन्हें यह शोध कार्य करने की प्रेरणा हरियाणा में उनके एवं उनकी एसोसिएशन के तमाम साथियों द्वारा फिजियोथैरेपी काउंसिल के लिए किए गए संघर्ष से मिली। सामान्य विषयों पर अनेकों फिजियोथैरेपी चिकित्सक नित नए शोध कार्य निरंतर कर रहे हैं लेकिन किसी भी प्रोफेशन के विकास से जुड़ा हुआ अहम मुद्दा होता है। उस प्रोफेशन को रेगुलेट करने के लिए बनाए गए नियम व कानून लेकिन अभी तक पूरे भारतवर्ष में किसी भी फिजियोथैरेपी चिकित्सक ने इस दिशा में ध्यान नहीं दिया। इसी कमी को दूर करने के लिए उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय का चुनाव किया साथ ही शोध कार्य संपन्न करने के पश्चात उन्होंने अपना शोध ग्रंथ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एवं रोहतक से लोकसभा सांसद डॉ अरविंद शर्मा को सौंपा और उनसे आग्रह भी किया की इस शोध कार्य में फिजियोथेरेपी चिकित्सा पद्धति के भूत, भविष्य व वर्तमान की संपूर्ण जानकारी, पूरे भारतवर्ष में कार्य कर रही विभिन्न फिजियोथैरेपी काउंसिल की संरचना एवं कार्य प्रणाली को उल्लेखित किया गया है।

साथ ही इस विषय पर भी ध्यान दिया गया है कि मौजूदा समय में फिजियोथैरेपी चिकित्सकों को इन तमाम फिजियोथैरेपी काउंसिलों द्वारा कोई लाभ पहुंच रहा है या नहीं और पूरे भारतवर्ष में फिजियोथेरेपी चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर मौजूदा फिजियो थेरेपी काउंसिल द्वारा कोई सुधार किया गया है या नहीं ऐसे तमाम विषयों को शोध ग्रंथ में सम्मिलित किया गया है। अतः प्रदेश एवं माननीय सांसद के माध्यम से केंद्र सरकार से आग्रह है कि वह इस शोध कार्य के द्वारा प्राप्त हुए मानकों के आधार पर प्रदेश एवं देश के फिजियो थेरेपी चिकित्सकों छात्रों एवं फिजियोथेरेपी कॉलेजों के चिकित्सा व्यवस्था में सुधार के लिए उचित कदम उठाए।

माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल एवं सांसद डॉ अरविंद शर्मा द्वारा डॉ आर के मुदगिल द्वारा किए गए शोध कार्य की प्रशंसा की गई और और कहा कि हरियाणा प्रदेश के लिए हर्ष का विषय है कि हमारे प्रदेश के एक फिजियोथैरेपी चिकित्सक पहले ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से समझा और जनकल्याण के लिए इस विषय पर अपना शोध कार्य संपन्न किया साथ ही माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा यह निर्णय लिया गया कि इस शोध ग्रंथ की मुख्यमंत्री द्वारा हस्ताक्षरित प्रति को मुख्यमंत्री आवास की लाइब्रेरी में स्थान दिया जाएगा ताकि भविष्य में फिजियोथेरेपी चिकित्सा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए इस शोध कार्य से जरूरी जानकारियां प्राप्त की जा सकें। 

विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए रोहतक, झज्जर एवं गुरुग्राम जैसे महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं देने के पश्चात मौजूदा समय में डॉ आर के मुदगिल दिल्ली सरकार के अधीनस्थ दिल्ली फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी में बतौर सहायक प्रोफेसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 

 

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