Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 29 Sep, 2026 11:31 PM

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने स्वीकार किया है कि दिल्ली के 31 वर्षीय रियल एस्टेट एग्जीक्यूटिव युवराज सिंह मनचंदा के शव को संभालने और उसका अंतिम संस्कार करने में पुलिस प्रशासन से गंभीर लापरवाही हुई है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने स्वीकार किया है कि दिल्ली के 31 वर्षीय रियल एस्टेट एग्जीक्यूटिव युवराज सिंह मनचंदा के शव को संभालने और उसका अंतिम संस्कार करने में पुलिस प्रशासन से गंभीर लापरवाही हुई है। युवराज की कथित तौर पर उनकी पूर्व सहकर्मी और उसके साथी ने हत्या कर दी थी। पुलिस ने उनके शव को सेक्टर-70 के एक नाले से बरामद किया था और पहचान स्थापित किए बिना ही 72 घंटे बाद लावारिस मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।
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इस मामले में लापरवाही मिलने पर बीते सप्ताह जांच अधिकारी को निलबिंत कर दिया गया था। इसके अलावा पुलिस आयुक्त ने लापरवाही की जांच के लिए बादशाहपुर थाना प्रभारी राजेश बागड़ी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए है। जांच के दौरान देखा जाएगा की इस मामले में थाना प्रभारी की क्या लापरवाही रही। इसके अलावा गुरुग्राम पुलिस कंट्रोल रूप के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ भी विभागीय जांच करने के लिए लिखा गया है।
दिल्ली के लाजपत नगर निवासी युवराज सिंह 6 सितंबर को गुड़गांव में एक बैठक के सिलसिले में घर से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। दिल्ली पुलिस की जांच के अनुसार, उसी रात उनकी पूर्व सहकर्मी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा ने युवराज की हत्या कर दी। आरोपी युवराज के शव को लगभग दो दिनों तक एक वाहन में रखकर घूमते रहे और 8 सितंबर को उसे बादशाहपुर के पास फेंक दिया। 10 सितंबर को शाम 4:05 बजे गुड़गांव पुलिस को सेक्टर 70 के एक पानी भरे गड्ढे से सड़ा-गला शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस टीम 4:20 बजे मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवा दिया, लेकिन उसकी पहचान दर्ज नहीं की जा सकी।