Edited By Isha, Updated: 23 May, 2026 08:30 PM
हरियाणा में श्रम सुधारों और श्रमिक कल्याण को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। श्रम मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने तथा
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी ): हरियाणा में श्रम सुधारों और श्रमिक कल्याण को नई दिशा देने की तैयारी तेज हो गई है। श्रम मंत्री अनिल विज के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने तथा श्रम व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल उद्योगों का विस्तार करना नहीं, बल्कि श्रमिकों को सम्मानजनक कार्य वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा और तकनीकी रूप से सक्षम श्रम व्यवस्था उपलब्ध कराना भी है। इसी दृष्टि से श्रम विभाग द्वारा अनेक सुधारात्मक योजनाएं और पहलें लागू की जा रही हैं।
न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि से श्रमिकों को बड़ी राहत
हरियाणा सरकार ने हाल ही में श्रमिकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की घोषणा की। सरकार द्वारा एक अप्रैल 2026 से लागू नई दरों के अनुसार अकुशल श्रमिकों की मासिक न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है।
सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की आवश्यकताओं को देखते हुए श्रमिकों की आय में वृद्धि आवश्यक थी। श्रम मंत्री अनिल विज ने इसे श्रमिक वर्ग के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया।
औद्योगिक संगठनों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय को श्रमिक हितों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से लाखों श्रमिक परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा श्रमिकों की क्रय क्षमता बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
श्रम मित्र’ ऐप से बदलेगी श्रम व्यवस्था
हरियाणा सरकार ने श्रम क्षेत्र में तकनीकी सुधारों की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “श्रम मित्र” मोबाइल अनुप्रयोग प्रारंभ किया है। श्रम मंत्री अनिल विज द्वारा शुरू किया गया यह अनुप्रयोग पारंपरिक श्रम चौकों की व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
यह अनुप्रयोग श्रमिकों और नियोजकों के बीच सीधे संपर्क का माध्यम बनेगा। श्रमिक अपने कौशल, अनुभव और कार्यक्षेत्र का पंजीकरण कर सकेंगे, जबकि नियोजक अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिकों से सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे।
अनुप्रयोग में स्थान आधारित तकनीक, दूरी की जानकारी और कार्यस्थल तक पहुंचने का समय जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं, जिससे श्रमिकों को काम तलाशने में सुविधा होगी और नियोजन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
सरकार का उद्देश्य श्रमिकों को रोज़गार प्राप्त करने की प्रक्रिया को अधिक संगठित, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना है। वर्तमान में हजारों श्रमिकों का विवरण इस डिजिटल मंच पर जोड़ा जा चुका है।
औद्योगिक क्षेत्रों में ईएसआई अस्पतालों का विस्तार
राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इसी क्रम में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम द्वारा विकसित औद्योगिक मॉडल टाउनशिपों और औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारी राज्य बीमा अस्पतालों एवं औषधालयों के विस्तार की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
सरकार ने ईएसआई अस्पतालों और औषधालयों के लिए भूमि रियायती दरों पर उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया है, ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों और उनके परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें। मानेसर, बावल, खरखौदा, फरीदाबाद, रोहतक, सोहना तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को श्रमिक कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्रमिक कैंटीनों से मिलेगा सस्ता और पौष्टिक भोजन
श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार श्रमिक कैंटीनों की व्यवस्था को भी बढ़ावा दे रही है। औद्योगिक क्षेत्रों और श्रमिक बहुल स्थानों पर श्रमिकों को सस्ती दरों पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
सरकार का मानना है कि श्रमिकों को केवल रोजगार उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही आवश्यक है। श्रमिक कैंटीनों की व्यवस्था विशेष रूप से दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों और निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों के लिए राहतकारी मानी जा रही है।
उद्योग-श्रम मैत्री” व्यवस्था से बढ़ेगा समन्वय
हरियाणा सरकार उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से “उद्योग-श्रम मैत्री” व्यवस्था को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार का उद्देश्य ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जहां उद्योगों की उत्पादकता और श्रमिकों के हित दोनों समान रूप से सुरक्षित रह सकें।
इस पहल के अंतर्गत श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान, श्रम कानूनों की पारदर्शी अनुपालना, श्रमिक सुरक्षा तथा उद्योगों और श्रमिक संगठनों के बीच नियमित संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है।
श्रम मंत्री अनिल विज लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि हरियाणा में उद्योग और श्रमिक एक-दूसरे के पूरक हैं तथा प्रदेश का औद्योगिक विकास श्रमिकों के कल्याण के बिना संभव नहीं है। हरियाणा सरकार श्रम क्षेत्र को पारंपरिक प्रशासनिक ढांचे से आगे ले जाकर तकनीक, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है।
न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि, “श्रम मित्र” अनुप्रयोग, ईएसआई सुविधाओं का विस्तार, श्रमिक कैंटीनों की स्थापना तथा उद्योग-श्रम मैत्री जैसी पहलें यह संकेत देती हैं कि राज्य सरकार श्रमिकों को विकास प्रक्रिया के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी गति से श्रम सुधारों को लागू किया गया तो हरियाणा आने वाले समय में देश के सबसे श्रमिक-अनुकूल और औद्योगिक रूप से संतुलित राज्यों में शामिल हो सकता है।