Edited By Krishan Rana, Updated: 03 Oct, 2026 05:05 PM

हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहड़ गांव के बेटे अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में
झज्जर : हरियाणा के झज्जर जिले के बिरोहड़ गांव के बेटे अमन सहरावत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों की 57kg फ्रीस्टाइल कुश्ती में गोल्ड मेडल जीतकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। 10 साल की उम्र में मां और एक साल बाद पिता को खोने वाले अमन ने मिट्टी के अखाड़े से विश्व स्तर तक सफर तय किया।
बता दें कि अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम इवेंट के फाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 पहलवान को चित्त कर दिया। मुकाबला आखिरी मिनट तक रोमांचक बना रहा, जिसमें अमन ने नॉर्थ कोरिया के चोंग सोंग को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया है।
यह 2026 एशियन गेम्स में भारत का 20वां और कुश्ती में कुल दूसरा गोल्ड मेडल है। यह अमन सहरावत का एशियन गेम्स में पहला गोल्ड मेडल है। 2022 के एशियाई खेलों में उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा था।
इस मौके पर सीएम सैनी सहित कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भीहरियाणा के लाल को गोल्ड जीतने पर शुभकामनाएं और बधाई दी है।


यहां से शुरु हुआ फाइनल का सफर
फाइनल से पहले अमन ने सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया था। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने का मौका बनाया और फाइनल में उसे हासिल भी कर लिया।
अमन ने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब उन्होंने उसी मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया। शुक्रवार को सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था, यानी कुश्ती में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है।
अमन सहरावत का सफर बेहद संघर्ष भरा रहा है। उन्होंने 10 साल की उम्र में अपनी मां को खो दिया था और इसके एक साल बाद पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद उनके चाचाओं ने उनका साथ दिया।
हरियाणा के बिरोहर के मिट्टी वाले अखाड़ों से अमन की कुश्ती की शुरुआत हुई। बाद में वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम पहुंचे, जहां कोच ललित कुमार के मार्गदर्शन में उनकी कुश्ती निखरी। अमन की पहचान उनकी तेज रफ्तार, आक्रामक अंदाज और लगातार मूवमेंट वाली कुश्ती से बनी।
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