Edited By Isha, Updated: 15 May, 2026 04:53 PM

हरियाणा में विकसित भारत-2047 तक स्वास्थ्य सेवाओं की कार्य योजना को लेकर मंथन किया गया। प्रदेश में शिशु और गभर्वती महिलाओं की मृत्यु दर को रिकॉर्ड स्तर पर कम करने की जरूरत है। इसके लिए सेंट्रलाइज्ड
चंडीगढ़: हरियाणा में विकसित भारत-2047 तक स्वास्थ्य सेवाओं की कार्य योजना को लेकर मंथन किया गया। प्रदेश में शिशु और गभर्वती महिलाओं की मृत्यु दर को रिकॉर्ड स्तर पर कम करने की जरूरत है। इसके लिए सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम बनाया जाए जो वार रूम की तर्ज पर दिन-रात काम करे। यहां से पूरे प्रदेश में प्रतिदिन शिशु व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर निगरानी रखते हुए किसी भी प्रकार की चूक पर रोक लगाई जा सकेगी। जल्द विस्तृत कार्ययोजना तय होगी।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई समीक्षा बैठक में तय किया गया है कि सभी दवाओं की उपलब्धता को लेकर ऑनलाइन ब्योरा तैयार होगा। इसके साथ ही वर्ष 2030 तक प्रदेश के प्रत्येक गांव व शहरी क्षेत्र के वार्ड को टीबी मुक्त करने का भी लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वास्थ्य विभाग के लिए तय 5 वर्षों की कार्य योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को हरियाणा समय से पहले पूरा करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए प्रत्येक जिला में मैमोग्राफी मशीनें लगाई जाएं। 70 एंबुलेंस खरीदने के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। सरकारी स्कूलों व आंगनवाड़ी केंद्रों में ही बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जाती
है लेकिन भविष्य में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों की स्वास्थ्य जांच भी सुनिश्चित की जाए। बच्चों को आवश्कता अनुसार दवाइयां के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक भी किया जाए। इसी प्रकार मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के अधिकारियों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज के संचालन की दिशा में संभावना तलाशने और अन्य प्रदेशों द्वारा अपनाई जा रही योजना का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं।