सीमा पर घुसपैठ रोकेगी सेना की वर्दी, CCTV के सामने आते ही होगी असली-नकली की पहचान(Video)

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Thursday, January 11, 2018-1:37 PM

सोनीपत(पवन राठी):  13 साल की कड़ी मेहनत और रिसर्च के बाद दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एंव प्रौद्यिोगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल के वीसी प्रो. राजेंद्र अनायत ने सेना के जवानों के लिए एक ऐसी स्पेशल कलर कोडिंग तैयार की है। जो सीमा पर घुसपैठ करने वालेेे आतंकियों की पहचान करने में मदद करेगी। इसे सिक्योरिटी के लिहाज से काफी बेहतर बताया जा रहा है।
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सुरक्षा के लिहाज से बनाई स्पेशल कोडिंग
दरअसल, लंबे समय से आतंकी भारतीय वर्दी पहनकर देश में घुसपैठ की घटना को अंजाम देते आए हैं। इसलिए इसकी सुरक्षा को देखते हुए एक ऐसी कलर कोडिंग वाली वर्दी बनाई गई है जो सीसीटीवी के सामने आते ही पहनने वाले की सही पहचान करेगी। सैन्य कर्मियों की वर्दी मेें कलर से स्पेशल कोडिंग के सहारे अंजाम दिया जाएगा।  इस वर्दी में जवान की फोटो सहित पुरी जानकारी होगी जिससे पहचान करने में भी आसानी होगी।
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वर्ल्ड रिसर्ज कमेटी ने प्रमाण पत्र
राजेन्द्र अनायत ने बताया कि कपड़ों में अभी तक सिक्योरिटी कलर का इस्तेमाल करने पर कोड दिया जा सकता था लेकिन उस कोड की कोई भी कॉपी कर सकता था। लेकिन उनकी रिसर्च की मदद से कोडिंग केवल कपड़े ही नहीं बल्कि पेपर, लेदर, लकड़ी जैसे सामान्य रंग के सहारे हो सकती है। इस रिसर्च को बेस्ट मानते हुए उन्हें वर्ल्ड रिसर्च कमेटी ने प्रमाण पत्र भी दिया है।
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कैसे काम करेगी ये स्पेशल कोडिंग
ये कोडिंग वर्दी जब सेना के जवान पहनेंगे तो इसमें उस व्यक्ति का नाम, फोटो या कोई भी शब्द हो सकता है। ये आसानी से आंखों को दिखाई नहीं देगा लेकिन सीसीटीवी कैमरे के सामने आते ही जिस भी एलईडी या प्रोजेक्टर से जुड़ा होगा, उसमें साफ-साफ दिखाई देगा। इस तरह से असली और नकली की पहचान की जा सकेगी। साथ ही किसी कपड़े में कोडिंग करने पर उसकी कॉपी नहीं की जा सकती।

वहीं इस बारे में उनकी केन्द्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह से भी बात हो चुकी है लेकिन अभी तक इस बारे में कोई जवाब नही मिला है। ये वर्दी सीमा पर तैनात जवानों की सहायता में मददगार तो होगी लेकिन देखना ये होगा कि कब तक इसे सेना मेें मंजूरी मिलती है।

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